एक दशक से भी अधिक समय के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी सरजमीं पर कदम रखा है। उनके स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पहुंचे। यह कदम सामान्य प्रोटोकॉल से हटकर है, क्योंकि आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की अगवानी के लिए एयरपोर्ट नहीं जाते। ट्रंप का यह फैसला बीजिंग को एक बड़ा कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है।
ट्रंप ने क्यों तोड़ा प्रोटोकॉल? ट्रंप ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, चीनी राष्ट्रपति के सम्मान में आयोजित स्टेट डिनर में तकनीक और बैंकिंग जगत के दिग्गज शामिल हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का खुद एयरपोर्ट जाना इस यात्रा की गंभीरता को दर्शाता है। वे ईरान और व्यापार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर जिनपिंग के साथ सीधी और स्पष्ट बातचीत करना चाहते हैं।
तीसरी मुलाकात: कूटनीति का नया गणित पिछले एक साल में दोनों नेताओं की यह तीसरी मुलाकात है। कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, दोनों पक्ष व्यापारिक और सैन्य तनाव को बेकाबू नहीं होने देना चाहते। नवंबर में चीन में होने वाले APEC समिट और दिसंबर में मियामी में होने वाले G20 सम्मेलन में भी दोनों की मुलाकातें तय हैं। यदि शेनझेन में सहमति बनती है, तो वियतनाम समिट के बाद पहली बार ट्रंप, जिनपिंग और पुतिन एक मंच पर नजर आ सकते हैं।
मेज पर रखे हैं ये 4 बड़े विवाद
घरेलू राजनीति और भारत पर असर वाशिंगटन में जिनपिंग के इस ग्रैंड वेलकम का विरोध भी हो रहा है। सीनेटर रोजर विकर जैसे नेताओं ने चीन के आक्रामक रवैये के चलते इस डिनर की आलोचना की है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी बताया है।
भारत के नजरिए से देखें तो इस डील का असर भारतीय बाजार और ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ेगा। यदि अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ कम होते हैं, तो यह भारतीय आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नई चुनौतियां और अवसर दोनों पैदा कर सकता है। साथ ही, रूसी तेल खरीद पर अमेरिका की सख्ती भारत की ऊर्जा नीति को भी प्रभावित कर सकती है।
#WATCH | Chinese President Xi Jinping and First lady Peng Liyuan arrive in the United States; US President Donald Trump and First Lady Melania Trump receive them at Joint Base Andrews
— ANI (@ANI) September 23, 2026
(Video Source: Reuters) pic.twitter.com/IpghALIv6L
यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: जूते पहनने तक का नहीं था वक्त , चश्मदीदों ने बयां की खौफनाक रात
बंगाल की खाड़ी से उठा तूफान का खतरा: आंध्र और ओडिशा में डीप डिप्रेशन का लैंडफॉल, भारी बारिश का अलर्ट
रायबरेली में कृष्ण बने अखिलेश यादव: पीडीए रथ के साथ सियासी संदेश
हिमालय का सौदागर: फ्रेडरिक विल्सन, जिसने जंगलों को काटकर खुद को बनाया राजा
पटना में गोलियों की गूंज: वार्ड पार्षद के पति पर अपार्टमेंट में घुसकर बरसाईं 14 गोलियां
क्या गेरॉन-5 ड्रोन से बदलेगा जंग का नक्शा? पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाली रिपोर्ट
अल नीनो का खौफनाक रूप: भीषण गर्मी से दुनिया भर में 4.5 लाख मौतों का खतरा
वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिल रही प्लेइंग-11 में जगह? गौतम गंभीर ने तोड़ी चुप्पी
निशानेबाजी में भारत का ऐतिहासिक कांस्य प्रहार : परिनाज और अनंतजीत ने रचा इतिहास
राहत की खबर: त्योहारों से पहले सस्ता होगा खाने का तेल, सरकार ने आयात शुल्क में की बड़ी कटौती