गुजरात के केवडिया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म जगत के दिग्गजों के सामने एक बड़ा और गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लोकप्रिय कलाकारों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का प्रचार करने से बचना चाहिए।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि सिनेमाई सितारों की युवाओं पर गहरी छाप होती है। उन्होंने कलाकारों से अपील की कि वे समाज में अंधेरा फैलाने के बजाय सकारात्मकता का संदेश दें। उन्होंने कहा, लोकप्रियता का मतलब सिर्फ शोहरत नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। सितारों को ऐसे उत्पादों के एंडोर्समेंट से तौबा करनी चाहिए जो देश के युवाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं।
राष्ट्रपति का यह बयान महाराष्ट्र के एफडीए (FDA) कमिश्नर और सिंघम के नाम से मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के हालिया कदमों से पूरी तरह मेल खाता है। मुंडे ने हाल ही में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े सितारों को सरोगेट विज्ञापन (विमल इलायची) के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।
मुंढे ने स्पष्ट कहा था कि, मेरे लिए ये मशहूर हस्तियां नहीं, बल्कि कानून तोड़ने वाले लोग हैं। व्यावसायिक लाभ जनस्वास्थ्य से ऊपर नहीं हो सकता।
राष्ट्रपति के संबोधन के तुरंत बाद तुकाराम मुंढे ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर उनका वीडियो साझा किया। मुंढे ने लिखा, प्रभाव (Influence) कोई इम्युनिटी नहीं है। कलाकारों को भी कानून का सम्मान करना चाहिए। सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले विज्ञापनों पर हमारी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा तेज है कि क्या तुकाराम मुंढे के इस सख्त रुख को सीधे राष्ट्रपति भवन का समर्थन प्राप्त है? राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय मंच से उसी मुद्दे को उठाना जिसे एक आईएएस अधिकारी ने उठाया था, यह संकेत देता है कि सरकार इन हानिकारक विज्ञापनों को लेकर अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
यह पहला मौका है जब किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने सितारों की विज्ञापन नीति पर इतने स्पष्ट शब्दों में सवाल उठाए हैं। देखना यह होगा कि राष्ट्रपति की इस अपील और एफडीए की कार्रवाई के बाद बड़ी फिल्मी हस्तियां अपनी विज्ञापन रणनीति में कितना बदलाव लाती हैं।
Influence is not immunity.
— Tukaram Mundhe (@Tukaram_IndIAS) September 23, 2026
Artists, like everyone else, must respect the law and recognise the responsibility that comes with endorsing products, behaviours and habits that shape public choices.
When influence is used to endorse food products, public health cannot be an…
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