ग्लोबल इकोनॉमी का अजीब दौर फिलहाल दुनिया की अर्थव्यवस्था एक अजीब मोड़ पर है। एक तरफ युद्ध, महंगा ईंधन, ट्रेड प्रतिबंध और कमजोर पड़ती डिमांड का भारी दबाव है। वहीं दूसरी तरफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में हो रहा भारी निवेश आर्थिक गतिविधियों को संजीवनी दे रहा है। हालांकि, बढ़ती ब्याज दरें और नौकरियों का संकट आम आदमी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
अगले 12 महीनों के लिए चेतावनी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के हालिया चीफ इकोनॉमिस्ट आउटलुक के मुताबिक, 45% विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले एक साल तक वैश्विक अर्थव्यवस्था सुस्त बनी रहेगी। हालात में बड़े सुधार की उम्मीद कम है, क्योंकि दुनिया अब उस फिस्कल सपोर्ट (सरकारी मदद) की स्थिति में नहीं है जो महामारी के दौरान दी गई थी। अब देशों पर कर्ज का बोझ बढ़ चुका है।
जियो-पॉलिटिकल तनाव सबसे बड़ा खतरा सर्वे में शामिल 97% अर्थशास्त्रियों ने जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा रिस्क माना है। युद्ध के कारण तेल, गैस और फर्टिलाइजर की कीमतें प्रभावित हो रही हैं, जिससे महंगाई फिर से सिर उठा रही है। IMF का अनुमान है कि 2026 में ग्लोबल महंगाई 4.7% तक पहुंच सकती है, जो इसे काबू में रखने की कोशिशों के लिए एक बड़ा झटका है।
AI: एक दोधारी तलवार AI इस समय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान और अभिशाप दोनों है। जहां एक ओर AI में निवेश वैश्विक जीडीपी को सहारा दे रहा है, वहीं दूसरी ओर यह रोजगार के लिए बड़ा खतरा है। 61% अर्थशास्त्रियों का मानना है कि AI और डेटा सेंटर्स में निवेश तो बढ़ेगा, लेकिन उस अनुपात में नई नौकरियां पैदा नहीं होंगी। यानी प्रोडक्टिविटी तो बढ़ेगी, लेकिन आम लोगों की आय पर दबाव बना रह सकता है।
भारत क्यों बना हुआ है उम्मीद की किरण? इन विपरीत हालातों के बीच भारत एक अपवाद की तरह है। WEF के सर्वे में 74% अर्थशास्त्रियों ने भारत की विकास दर को मजबूत या बहुत मजबूत माना है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी घरेलू खपत है। IMF के अनुसार, भारत की ग्रोथ 2026-27 में 6.4% और 2027 में 6.7% तक रहने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंदी की आहट के बावजूद, भारत के आर्थिक आंकड़े अपनी मजबूती बरकरार रखे हुए हैं।
The global #economic outlook is stabilizing, but uncertainty remains. The September 2026 Chief Economists Outlook finds that 56% of surveyed chief economists expect global conditions to remain unchanged or strengthen over the next 12 months, up from just 11% in May. AI is a major… pic.twitter.com/fFkot9BO2V
— World Economic Forum (@wef) September 22, 2026
छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज: 3 दिन भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी
28 सितंबर से बैंकिंग ठप: देशव्यापी हड़ताल से 5 दिन लटक सकते हैं आपके काम, सरकार ने बुलाई आपात बैठक
मुर्गा बनाना और क्रिकेट का भविष्य: वैभव सूर्यवंशी पर सुरेश रैना का बड़ा बयान, विराट-रोहित को लेकर की ये भविष्यवाणी
अमृतसर: वांटेड गैंगस्टर हरमन गोपा राय का एनकाउंटर, पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में लगी गोली
एशियन गेम्स 2026: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया सिल्वर मेडल
UN महासभा में गूंजे तोते : इजरायल ने वीडियो जारी कर संयुक्त राष्ट्र पर बोला बड़ा हमला
मेघालय में ऑपरेशन लोटस : UDP के 8 विधायकों ने थामा बीजेपी का हाथ, बदल गई राज्य की बिसात
एशियन गेम्स: भारतीय पुरुष स्कीट टीम ने जीता ब्रॉन्ज, अनंतजीत सिंह नरुका व्यक्तिगत फाइनल में चमके
चुनाव आयोग में अंदरूनी कलह की खबरों का सच: आयोग ने दी सफाई
SIR प्रक्रिया पर घमासान: चुनाव आयोग ने कहा- कानून के दायरे में है हर फैसला