चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आए एक बड़े खुलासे ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर आयोग के भीतर मचे आंतरिक मतभेद और दो चुनाव आयुक्तों की शिकायतों के सामने आने के बाद विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार देते हुए कहा, वोट चोरी भारतीय लोगों के खिलाफ एक अपराध है। इसे आयोजित करने वाले भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग ने देशद्रोह का काम किया है। आप बचेंगे नहीं, इंसाफ जरूर होगा।
कांग्रेस ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—ने पिछले 10 महीनों में 14 बार अपनी ही संस्था के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि महत्वपूर्ण फैसलों (जैसे SIR, फॉर्म 6 में बदलाव और वोटर लिस्ट से नाम हटाने-जोड़ने) की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती और न ही उनसे कोई सलाह ली जाती है।
विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ज्ञानेश कुमार अपने बॉस मोदी को खुश करने के लिए तानाशाही चला रहे हैं। तीन सदस्यों वाले इस संवैधानिक निकाय में अन्य दो आयुक्तों की अनदेखी करना और मनमाने ढंग से फैसले लेना, आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के भीतर पारदर्शिता की भारी कमी देखी गई है। आयुक्तों का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान कई फैसले बहुमत से तय करने के बजाय ज्ञानेश कुमार द्वारा अकेले लिए गए। वोटर रजिस्ट्रेशन से लेकर नाम हटाने तक की प्रक्रिया में आयुक्तों को अंधेरे में रखा गया, जिसके चलते उन्होंने बार-बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई।
विवाद के तूल पकड़ने के बाद चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करने की कोशिश की है। आयोग ने दावा किया है कि सभी फैसले सभी सदस्यों की सहमति और मंजूरी से लिए गए हैं। वहीं, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने दोपहर 1 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें पार्टी इस मामले पर विस्तृत दस्तावेज पेश कर सकती है।
देश की राजनीति में यह पहली बार है जब चुनाव आयोग के भीतर के मतभेद इतने सार्वजनिक हुए हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या इस खुलासे के बाद आयोग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करता है या फिर यह विवाद आने वाले चुनावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा देगा।
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 23, 2026
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served. pic.twitter.com/30kX06CBiH
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