चुनाव आयोग के भीतर ‘SIR’ (सिस्टम फॉर इलेक्शन मैनेजमेंट) प्रक्रिया और अन्य फैसलों को लेकर मतभेद की खबरों ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों के बीच गहरे मतभेद हैं। इस खबर के बाद विपक्षी दल लामबंद हो गए हैं और सीधे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, वोट की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला है। बीजेपी, आरएसएस और चुनाव आयोग ने देशद्रोह का काम किया है। राहुल ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो अधिकारी गलत कर रहे हैं, उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि समय आने पर उन्हें पकड़ा जाएगा और इसका हिसाब होगा।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा के चुनाव रद्द करने की मांग की है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की वकालत की है। केजरीवाल का कहना है कि एक संवैधानिक संस्था को कुछ लोग अपनी मर्जी से नहीं चला सकते।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आयोग की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि 10 महीनों में 14 बार आधिकारिक आपत्तियां दर्ज होना यह साबित करता है कि आयोग किसी के इशारे पर काम कर रहा था। अखिलेश ने यह भी कहा कि अगर संस्था निष्पक्ष नहीं रहती, तो बनी हुई सरकारें भी असंवैधानिक मानी जानी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य दो आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बीच नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच 14 बार लिखित असहमति दर्ज की गई। ये आपत्तियां SIR प्रक्रिया, फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची से हटाने और डेटा तक पहुंच जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर थीं। आरोप है कि कई फैसले अन्य आयुक्तों की जानकारी के बिना लिए गए।
विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि SIR समेत तमाम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। सूत्रों का तर्क है कि व्यक्तिगत राय अलग हो सकती है, लेकिन सभी निर्णय तीनों आयुक्तों की मंजूरी से ही लिए गए हैं। फिलहाल, आयोग की ओर से जारी इस स्पष्टीकरण के बाद भी विपक्ष के तेवर नरम नहीं पड़ रहे हैं।
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 23, 2026
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served. pic.twitter.com/30kX06CBiH
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