देश के चुनाव आयोग के भीतर मचे आंतरिक घमासान ने भारतीय राजनीति में तहलका मचा दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद विपक्ष ने मोदी सरकार और आयोग की निष्पक्षता पर जोरदार हमला बोला है।
क्या है चुनाव आयोग के भीतर का विवाद? खबरों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महत्वपूर्ण फैसलों को गुप्त रखने का आरोप लगाया है। विवाद की जड़ वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और नए वोटरों के पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया है।
आरोप है कि पिछले 10 महीनों में दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनका कहना है कि फॉर्म 6 में बदलाव, नाम जोड़ने-हटाने और वोटर लिस्ट की सुरक्षा जैसे अहम फैसलों में उनसे न तो सलाह ली गई और न ही उन्हें विश्वास में लिया गया।
कांग्रेस का वोट चोरी का बड़ा आरोप कांग्रेस ने इस खुलासे को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने आयोग की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार अपने बॉस प्रधानमंत्री मोदी की तरह तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। पार्टी ने इसे वोट चोरी का एक बड़ा षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बना लिया है।
विपक्ष की बढ़ती नाराजगी कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर आयोग से जवाबदेही की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि तीन सदस्यीय संस्था में यदि दो सदस्य अपने मुखिया के कामकाज से असंतुष्ट हैं, तो यह सीधे तौर पर संवैधानिक संकट की ओर इशारा करता है।
इस पूरे मामले पर सफाई देने के लिए कांग्रेस नेता डॉ. अभिषेक सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर विस्तृत जानकारी देने का निर्णय लिया है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी यह बहस तेज हो गई है कि क्या चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था अब सरकार के हाथों का खिलौना बन चुकी है?
आगे क्या होगा? चुनाव आयोग के गलियारों में चल रही इस खींचतान ने आगामी चुनावों की पारदर्शिता पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। फिलहाल, चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विपक्ष ने इस मामले को तूल देते हुए वक्त आने पर हिसाब लेने की चेतावनी दी है।
Today at 1pm on behalf of the INC my colleague Dr. Abhishek Singhvi will be speaking in detail to the media on the sensational revelations made in a leading national newspaper on the way the CEC has destroyed the credibility and integrity of the Election Commission of India. pic.twitter.com/uZbviR6VJL
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 23, 2026
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