क्या राज्यसभा से कटेगा राम गोपाल यादव का पत्ता? खुद दी ये बड़ी जानकारी
News Image

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने राज्य की 10 सीटों के लिए आगामी द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद से ही समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

क्या फिर से चुनावी मैदान में उतरेंगे राम गोपाल यादव?

राम गोपाल यादव का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जिससे उनके दोबारा चुनाव लड़ने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोरों पर हैं। खुद राम गोपाल यादव ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समाजवादी पार्टी उन पर भरोसा जताती है और टिकट देती है, तो वह निश्चित रूप से चुनावी मैदान में उतरेंगे।

सपा की रणनीति: जितनी सीट, उतने उम्मीदवार

राज्यसभा चुनाव में संभावित उम्मीदवारों की संख्या पर पूछे गए सवाल के जवाब में यादव ने गणित समझाया। उन्होंने कहा कि पार्टियां अपने कोटे और संख्या बल के आधार पर ही अपने उम्मीदवार तय करती हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा और भाजपा, दोनों ही दल अपनी जीत की संभावनाओं को भांपकर ही उतने उम्मीदवार उतारेंगे जितने वे जीत सकते हैं। उनके अनुसार, अंततः ये चुनाव अक्सर निर्विरोध ही संपन्न होते हैं।

चुनावी समीकरण और सपा पर दबाव

वर्तमान में उत्तर प्रदेश से भाजपा के 8 और सपा के एक सांसद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, सपा के लिए राज्यसभा का यह चयन काफी महत्वपूर्ण है। पार्टी हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है ताकि जातिगत और राजनीतिक समीकरणों को साधा जा सके।

रिटायरमेंट पर चुटकी

पांच बार राज्यसभा सांसद रह चुके राम गोपाल यादव ने अपने इंटरव्यू के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, हम तो रिटायर ही हो रहे हैं। हालांकि, उनकी यह टिप्पणी एक राजनीतिक दांव है या संकेत, यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल सपा की ओर से आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी पुराने अनुभवी चेहरे पर दांव लगाती है या किसी नए उम्मीदवार को मौका देती है।

चुनाव आयोग ने फूंका बिगुल

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के अलावा उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भी कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव होगा। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, जिसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

टी20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड की खतरनाक टीम का एलान, एक साल बाद इस खूंखार गेंदबाज की हुई वापसी

Story 1

एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत का निशाना सटीक, सॉफ्ट टेनिस में भी ऐतिहासिक पदक पक्का

Story 1

एशियन गेम्स 2026: स्कीट शूटिंग में भारत का डबल धमाका, पुरुष और महिला टीम ने जीता ब्रॉन्ज

Story 1

क्या विवेक ओबेरॉय ने भुला दी सलमान खान से पुरानी दुश्मनी? अचानक मिल रहे सपोर्ट ने चौंकाया!

Story 1

रील नहीं बनाता तो क्या पकड़ा जाता? जमुई कांड पर सम्राट चौधरी का दो-टूक बयान

Story 1

जमुई कांड: पीड़िता का वीडियो शेयर किया तो जाएगी जेल, 120 प्रोफाइल पर पुलिस का बड़ा एक्शन

Story 1

बैंक हड़ताल की पूरी पड़ताल: 5 दिन रहेंगे बंद, क्या UPI-ATM पर होगा असर?

Story 1

छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज: 3 दिन भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी

Story 1

जो रूट ने रचा इतिहास: 23,000 इंटरनेशनल रन बनाने वाले पहले इंग्लिश बल्लेबाज, बने क्रिकेट के दिग्गज

Story 1

श्रेयस अय्यर की क्रिकेटिंग सूझबूझ से बची भारत की लाज, अंपायर की गलती ने जापान मैच में पैदा किया था ड्रामा