रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर में दो जुड़वां बहनों के पहचान पत्र (आधार कार्ड) बनवाने का मामला कई सालों तक तकनीकी भूलभुलैया में फंसा रहा। दोनों बहनों के फिंगरप्रिंट और आंखों के बायोमीट्रिक डेटा में इतनी समानता थी कि सरकारी सिस्टम ने एक को दूसरी की डुप्लीकेट मान लिया।
क्या थी तकनीकी अड़चन? मोहल्ला खारी कुआं निवासी जुबैर इलियास की जुड़वां बेटियां, तुबा और खिजरा का डेटा सिस्टम के लिए सिरदर्द बन गया था। जब पहली बच्ची का आधार कार्ड बना, तो सिस्टम में उसका रिकॉर्ड दर्ज हो गया। लेकिन जब दूसरी बच्ची का नामांकन किया गया, तो बायोमीट्रिक सिस्टम ने इसे डुप्लीकेट मानकर आवेदन खारिज कर दिया। दोनों के चेहरे और बायोमेट्रिक्स इतने एक समान थे कि सॉफ्टवेयर उन्हें अलग व्यक्ति के रूप में पहचानने में असमर्थ था।
ठप पड़े थे स्कूल और सरकारी कामकाज दो वर्षों तक परिवार इस समस्या से जूझता रहा। पहचान पत्र न होने के कारण बच्चियों का स्कूल में दाखिला और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी हो रही थी। स्थानीय स्तर पर कई बार कोशिश की गई, लेकिन सिस्टम की कोडिंग के आगे किसी की नहीं चली।
DM के दरबार में पहुंची फरियाद अंत में पिता जुबैर इलियास ने जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के जनता दर्शन में अपनी गुहार लगाई। डीएम ने इसे महज एक सामान्य शिकायत नहीं, बल्कि एक जटिल तकनीकी मामला माना। उन्होंने तत्काल प्रभाव से इसे जिला प्रशासन की प्राथमिकता में लिया।
UIDAI मुख्यालय तक गई फाइल जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधा। चूंकि मामला बायोमीट्रिक डी-डुप्लीकेशन से जुड़ा था, इसलिए इसे नई दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजा गया। प्रशासन ने विशेष रिपोर्ट भेजकर यह प्रमाणित किया कि ये दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं।
तीन महीने की मशक्कत और कामयाबी UIDAI के तकनीकी विशेषज्ञों ने इसे एक असाधारण परिस्थिति के रूप में स्वीकार किया। तीन महीने की गहन जांच और सत्यापन प्रक्रिया के बाद, सिस्टम के सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव कर दोनों बहनों के लिए अलग-अलग पहचान पत्र जारी किए गए।
राहत की सांस लेता परिवार पहचान पत्र मिलने के बाद पिता अपनी दोनों बेटियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। सालों से चल रही कवायद एक मुस्कान के साथ समाप्त हुई, जिससे अब दोनों बच्चियां अपने भविष्य के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ सुरक्षित हो गई हैं।
एक जैसी दिखने वाली दो बहनों की कहानी !!
— DM Rampur (@RampurDm) September 21, 2026
दोनों बहनें पिछले दो वर्षों से एक परेशानी से जूझ रही थीं।#twins pic.twitter.com/HcqPg1AyQT
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