पंजाब के संगरूर में जग्गा सिंह नामक युवक द्वारा आत्महत्या की कोशिश के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना ने एक बार फिर भगवंत मान सरकार को नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के कटघरे में खड़ा कर दिया है।
क्या है मामला? संगरूर के नमोल गांव निवासी जगसीर सिंह उर्फ जग्गा सिंह ने आत्महत्या का प्रयास किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। जग्गा का आरोप है कि उसने गांव में चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) की तस्करी का पर्दाफाश करने की कोशिश की थी, जिसके बाद से उसे सरपंच और नशे के सौदागरों द्वारा लगातार धमकाया जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल जग्गा सिंह ने आरोप लगाया है कि उसने इस संबंध में पुलिस को सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने यह भी दावा किया कि दबाव में आकर उसका वीडियो डिलीट करवाया गया और उसके घर के सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और जग्गा को इलाज के लिए पटियाला रेफर किया गया है।
विपक्ष का तीखा हमला बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने सीएम भगवंत मान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में नशे का माफिया राज चल रहा है। उन्होंने कहा, जग्गा सिंह ने सिर्फ नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसका खामियाजा उसे अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। वहीं, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इसे सरकार के नशा मुक्त पंजाब के दावों की पोल खोलने वाली घटना करार दिया है।
पंचायत और सरकार का पक्ष दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने जग्गा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि जग्गा के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि जग्गा सिंह के खिलाफ पहले से ही नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें नशा तस्करी और बलात्कार जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। वहीं, ग्रामीणों और पंचायत का कहना है कि जग्गा खुद को कानूनी पचड़ों से बचाने के लिए यह नाटक कर रहा है।
नशे की भेंट चढ़ता पंजाब? यह घटना दलित समुदाय के गुलजार सिंह की आत्महत्या के कुछ दिनों बाद हुई है, जिससे राज्य में आक्रोश का माहौल है। गुलजार सिंह पर भी नशा माफिया के खिलाफ बोलने के बाद दबाव बनाने के आरोप लगे थे। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने सरकार के खिलाफ माहौल बना दिया है। फिलहाल, पंजाब में नशा और राजनीति का यह गठजोड़ एक गंभीर बहस का विषय बन गया है।
*मुख्यमंत्री @BhagwantMann जी आपके अपने जिले संगरूर में नशा माफिया का राज चल रहा है।
— Tarun Chugh (@tarunchughbjp) September 20, 2026
अभी हाल ही में नामोल के रहने वाले जगगा सिंह ने डीसी ऑफिस के बाहर जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उनका कसूर क्या था? उनका गुनाह सिर्फ इतना था कि उन्होंने नशा माफिया के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई थी।… pic.twitter.com/nBbogPpLp0
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