जोधपुर के आसमान में गरजे भारत-जापान के वॉर ईगल , वीर गार्जियन 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर
News Image

जोधपुर का आसमान इन दिनों भारत और जापान के लड़ाकू विमानों की दहाड़ से गूंज रहा है। दोनों देशों की वायुसेनाएं संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास वीर गार्जियन 2026 के जरिए अपनी युद्धक क्षमताओं को नई ऊंचाई पर ले जा रही हैं। 9 सितंबर से शुरू हुआ यह अभ्यास अब अपने निर्णायक एवं अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

आधुनिक लड़ाकू विमानों का शक्ति प्रदर्शन इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना अपने सबसे घातक विमानों के साथ उतरी है। इसमें स्वदेशी तेजस , राफेल और सुखोई-30 एमकेआई शामिल हैं। दूसरी ओर, जापान की एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) ने अपने शक्तिशाली एफ-2ए लड़ाकू विमानों के साथ शिरकत की है। दोनों देशों के विमानों ने एयर स्ट्राइक से जुड़े कई जटिल अभियानों का अभ्यास किया है।

जोधपुर पहुंचे दोनों देशों के एयर चीफ अभ्यास की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के चीफ जनरल ताकेहिरो मोरीता जोधपुर पहुंचे। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने न केवल अभ्यास का जायजा लिया, बल्कि द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर व्यापक चर्चा की।

तकनीकी और रणनीतिक तालमेल पर जोर केवल हवा में ही नहीं, जमीन पर भी यह अभ्यास बेहद सफल रहा है। दोनों सेनाओं के बीच मिशन प्लानिंग, इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों का आदान-प्रदान हुआ है। इसका मुख्य लक्ष्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल (Operational Synergy) को बढ़ाना है, ताकि किसी भी संकट के समय दोनों सेनाएं कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकें।

ऐतिहासिक महत्व: भारत में जापान का पहला साझा प्रशिक्षण यह वीर गार्जियन का दूसरा संस्करण है। पहला अभ्यास 2023 में जापान में हुआ था, जहां भारतीय लड़ाकू विमानों ने पहली बार जापानी धरती पर अपनी ताकत दिखाई थी। हालांकि, वीर गार्जियन 2026 इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह जापान के लड़ाकू विमानों का भारत में आयोजित पहला संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास है।

सामरिक भविष्य की नींव 22 सितंबर तक चलने वाला यह युद्धाभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत और जापान के बढ़ते रक्षा संबंधों का प्रतीक है। वास्तविक युद्ध जैसी चुनौतियों का अभ्यास करके दोनों देशों के वायु योद्धा एक-दूसरे की कार्यशैली और युद्ध कौशल को बारीकी से समझ रहे हैं, जो भविष्य में किसी भी संयुक्त मिशन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

शेफाली वर्मा का ऐतिहासिक शतक: एशियन गेम्स में रचा इतिहास, तोड़े 7 बड़े रिकॉर्ड

Story 1

एशियन गेम्स 2026: निशानेबाज विदरसा के. विनोद का संघर्ष और सफलता की कहानी

Story 1

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी: धोनी के शहर रांची से छिन सकती है टेस्ट मैच की मेजबानी, ये है बड़ी वजह

Story 1

संस्कारों का पतन : पीएम मोदी की मिमिक्री पर राहुल गांधी घिरे, बीजेपी ने बोला तीखा हमला

Story 1

कुर्सी बेचने का अनोखा अंदाज: पहले चढ़ा, फिर कूदा और फिर शुरू कर दिया डांस

Story 1

सैलून में पहुंचा नवाब बंदर, कुर्सी पर लेटकर ली मसाज; वीडियो देख दंग रह गए लोग

Story 1

IND vs AFG: तूफानी शतक के बाद क्यों मेडिटेशन मोड में आए अभिषेक शर्मा? सामने आई सच

Story 1

जोधपुर के आसमान में गरजे भारत-जापान के वॉर ईगल , वीर गार्जियन 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर

Story 1

नगर निगम दफ्तर बना कुत्ता घर : निफाड में अनोखे विरोध प्रदर्शन से मचा हड़कंप

Story 1

राजधानी दिल्ली में रोंगटे खड़े करने वाला हिट एंड ड्रैग हादसा, बुजुर्ग निकला कार ड्राइवर