मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की आग भड़क उठी है। कुकी और नगा समुदायों के बीच बढ़ते तनाव ने राज्य के पहाड़ी इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 4 दिनों में 6 लोगों की हत्या और घरों में आगजनी की घटनाओं ने खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।
4 दिन में 6 हत्याएं, महिलाओं को बनाया निशाना हिंसा की सबसे दुखद घटना तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में सामने आई, जहां दो कुकी महिलाओं (किमजालहाई सिंगसोंग और फलनैचोंग सितल्हो) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय कुकी संगठनों का आरोप है कि पिछले 4 दिनों में 4 महिलाओं समेत 6 लोगों की जान जा चुकी है। कुकी विधायकों ने इस हिंसा के पीछे नगा उग्रवादी समूहों का हाथ होने का संदेह जताया है।
जरूरी सामान के लाले, चीनी 450 रुपये प्रति किलो पहाड़ी इलाकों में नाकेबंदी के कारण खाद्यान्न और जरूरी सुविधाओं की भारी किल्लत हो गई है। कांगपोकपी के कई गांवों में चीनी जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जहां लोग इसे 400 से 450 रुपये प्रति किलो खरीदने को मजबूर हैं। आम लोग डर के मारे खेतों में जाने या घरों से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं।
सड़कों पर नाकेबंदी, आवाजाही हुई नामुमकिन उखरुल, सेनापति, तामेंगलोंग और चंदेल जैसे नगा-बहुल इलाकों में प्रमुख सड़कों और हाईवे पर जगह-जगह चेकपॉइंट बना दिए गए हैं। निजी वाहनों का चलना बंद है और मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी सुरक्षा एस्कॉर्ट या प्रशासन की अनुमति का इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल और एयरपोर्ट तक पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
6 घंटे तक चली गोलीबारी, जलते रहे घर चावांगकिनिंग लियांगमाई गांव में तनाव चरम पर है। मंगलवार रात संदिग्ध हथियारबंद लोगों और सुरक्षाबलों (CRPF) के बीच करीब 6 घंटे तक मुठभेड़ हुई। इस दौरान कई घरों में आग लगा दी गई और दीवारों पर गोलियों के निशान साफ देखे जा सकते हैं।
2023 से सुलग रहा है मणिपुर मणिपुर में जातीय संघर्ष की शुरुआत 3 मई 2023 को हुई थी। हालांकि, फरवरी 2026 में उखरुल के लिटन गांव से कुकी-नगा तनाव बढ़ने के बाद हिंसा ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है। स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक लगभग 40 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य प्रशासन के लिए इस बिगड़ती स्थिति पर नियंत्रण पाना चुनौती बना हुआ है।
मणिपुर में हिंसा फिर भड़क गई है। मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में दो कुकी जनजाति (Kuki people) महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा कई फार्महाउसों में आग लगा दी गई। मृतकों की पहचान किमजालहाई सिंगसोंग और फलनैचोंग सितल्हो के रूप में हुई है। दोनों इसी गांव… pic.twitter.com/QNJdoS1YjR
— Lallu Ram (@lalluram_news) September 16, 2026
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