आरबीआई के एक फैसले ने बदली टाटा ग्रुप की किस्मत, चंद घंटों में निवेशकों की चांदी
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के एक हालिया फैसले ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। इस फैसले के चलते टाटा ग्रुप की पांच प्रमुख कंपनियों के मार्केट कैप में महज एक घंटे के भीतर करीब 17,200 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। टाटा केमिकल्स जैसे शेयरों में तो 20 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला।

क्या है पूरा मामला? दरअसल, टाटा सन्स ने आरबीआई के पास एक आवेदन दिया था, जिसमें कंपनी ने अपनी कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर मिले रजिस्ट्रेशन को सरेंडर करने की अनुमति मांगी थी। आरबीआई ने इस आवेदन को खारिज कर दिया है। इसके चलते टाटा सन्स पर अपनी अपर लेयर एनबीएफसी नियमों के तहत शेयर बाजार में लिस्ट होने का दबाव फिर से बढ़ गया है।

टाटा ग्रुप के शेयरों में क्यों आई तेजी? टाटा सन्स एक निजी होल्डिंग कंपनी है, जिसके पास टाटा ग्रुप की तमाम लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी है। अगर टाटा सन्स शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो यह वैल्यू अनलॉकिंग का एक बड़ा मौका होगा। निवेशक इस संभावना से उत्साहित हैं कि अब टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियां, जो टाटा सन्स में हिस्सेदार हैं, उनका पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) होगा।

टाटा केमिकल्स का पैराडॉक्स टाटा केमिकल्स के मामले में स्थिति सबसे दिलचस्प है। कंपनी के पास टाटा सन्स में करीब 2.53% हिस्सेदारी है। यदि टाटा सन्स का वैल्युएशन 10 लाख करोड़ रुपये माना जाए, तो इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 25,300 करोड़ रुपये होती है। जबकि रैली से पहले टाटा केमिकल्स का कुल मार्केट कैप ही करीब 15,600 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी के एसेट्स की कीमत उसकी बाजार वैल्यू से काफी अधिक थी, जिसे अब बाजार एडजस्ट कर रहा है।

12% हिस्सेदारी का खेल टाटा ग्रुप की अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के पास टाटा सन्स में कुल मिलाकर करीब 12-13% हिस्सेदारी है। अगर टाटा सन्स की लिस्टिंग होती है, तो इन कंपनियों के शेयरहोल्डर्स के लिए यह एक बड़ा फंडामेंटल बदलाव होगा। यही कारण है कि टाटा मोटर्स, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन और टाटा टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में भी खरीदारी देखी गई।

क्या है जोखिम? बाजार में आई यह तेजी फिलहाल उम्मीदों पर आधारित है। टाटा सन्स अभी भी आरबीआई के इस फैसले को अदालत में चुनौती देने का विकल्प रखती है। इसके अलावा, लिस्टिंग प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह मूवमेंट रेगुलेटरी घटनाक्रम पर आधारित है, न कि कंपनियों की हालिया कमाई पर।

एसपी ग्रुप की भूमिका शपूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप के पास टाटा सन्स में 18.37% हिस्सेदारी है। लंबे समय से वे इस हिस्सेदारी को मॉनेटाइज करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि लिस्टिंग होती है, तो एसपी ग्रुप को लिक्विडिटी का बड़ा लाभ मिल सकता है। आज होने वाली टाटा सन्स की बोर्ड मीटिंग में इन विषयों पर मंथन होने की संभावना है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

(डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे निवेश की सलाह न मानें। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा अवश्य करें।)

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