पश्चिम बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम में BJP का इमोशनल दांव , दिवंगत PA की मां को बनाया उम्मीदवार
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पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी बिसात बिछा दी है। पार्टी ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से हासीरानी रथ को मैदान में उतारकर बीजेपी ने एक बड़ा राजनीतिक और भावनात्मक दांव खेला है।

नंदीग्राम में हासीरानी रथ पर भरोसा हासीरानी रथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हैं। 6 मई 2026 को चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद से ही बीजेपी उनके परिवार के साथ खड़ी रही है। हासीरानी रथ, जो मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर की रहने वाली हैं, स्थानीय स्तर पर राजनीति का लंबा अनुभव रखती हैं। पंचायत समिति में कार्य करने का उनका अनुभव इस चुनाव में काम आ सकता है।

आज नामांकन, शुभेंदु अधिकारी रहेंगे मौजूद हासीरानी रथ आज अपना नामांकन दाखिल करेंगी। इस प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके साथ रहेंगे। नामांकन के लिए वे हल्दिया में एक शक्ति प्रदर्शन के साथ पहुंचेंगी। नामांकन से पहले उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया।

अधिकारी परिवार से पुराना रिश्ता हासीरानी रथ का अधिकारी परिवार से दो दशक से अधिक का साथ है। वे पहले तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थीं, लेकिन 2020 में शुभेंदु अधिकारी के बीजेपी में शामिल होने के साथ ही उन्होंने भी भगवा खेमे का दामन थाम लिया था।

रेजीनगर में सखराव सरकार पर दांव वहीं, रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए बीजेपी ने सखराव सरकार को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर द्वारा रिक्ति के बाद खाली हुई थी, जिसे लेकर बीजेपी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।

कब और कैसे होगा चुनाव? चुनाव आयोग के अनुसार, इन दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है। 16 सितंबर तक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी। नंदीग्राम में हासीरानी रथ का मुकाबला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी की संचिता प्रधान (डे) से होगा। वहीं, अन्य दलों और बागी गुटों की मौजूदगी ने मुकाबले को और भी त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया है।

नंदीग्राम का सियासी महत्व नंदीग्राम केवल एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति का केंद्र बिंदु है। भूमि अधिग्रहण आंदोलन से लेकर शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी की ऐतिहासिक चुनावी जंग तक, यह क्षेत्र हमेशा सुर्खियों में रहा है। 2026 के चुनावों के बाद शुभेंदु अधिकारी द्वारा सीट छोड़ने के कारण यहां फिर से उपचुनाव हो रहे हैं, जो बीजेपी की प्रतिष्ठा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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