सिडनी स्वीनी का विज्ञापन विवाद: महिला एथलीटों ने कहा, खेलों में जिस्म नहीं, पसीना बोलता है
News Image

अमेरिकी अभिनेत्री सिडनी स्वीनी द्वारा हाल ही में नोविग (Novig) नाम की एक खेल सट्टेबाजी कंपनी के लिए किए गए विज्ञापन ने खेल जगत में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस विज्ञापन को लेकर महिला एथलीटों ने सख्त नाराजगी जताई है।

क्या है पूरा मामला? इस विज्ञापन में स्वीनी को अलग-अलग खेल उपकरणों के साथ दिखाया गया है, लेकिन बाद के दृश्यों में उन्हें बिलियर्ड टेबल पर बहुत ही कामुक अंदाज में पेश किया गया। विज्ञापन के रिलीज होने के 48 घंटों के भीतर ही इसे 2.2 करोड़ से अधिक बार देखा गया, जिससे यह चर्चा का केंद्र बन गया।

महिला खिलाड़ियों का करारा जवाब एथलीटों का आरोप है कि यह विज्ञापन महिलाओं के खेल को एक यौन वस्तु के रूप में पेश कर रहा है और उनकी कड़ी मेहनत को दरकिनार करता है। ब्रिटिश धावक एमी हंट ने अपनी 200 मीटर दौड़ की उपलब्धि को साझा करते हुए कहा, खेलों में महिलाओं की असली पहचान उनकी मांसपेशियां और मेहनत है, न कि यह (विज्ञापन)।

हंट ने अपनी मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि स्पोर्ट्स हमेशा ग्लैमरस नहीं होते। उन्होंने अपनी माहवारी (period) के दौरान दौड़ने का उदाहरण देते हुए बताया कि एक एथलीट के लिए खेल का मैदान पसीने, आंसुओं और संकल्प की जगह है।

दिग्गज एथलीटों की कड़ी आलोचना ब्रिटिश ओलंपिक साइकिलिस्ट सोफी कैपवेल ने सवाल किया कि क्या हम कभी ऐसी दुनिया देख पाएंगे जहाँ महिला एथलीटों को उनके प्रदर्शन के बजाय केवल उनके लुक्स से न आंका जाए? वहीं, चार बार की ओलंपिक तैराकी चैंपियन एरियर्न टिटमस ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह विज्ञापन उन महिलाओं का अपमान है जिन्होंने अपना पूरा जीवन खेल के प्रति समर्पित किया है।

स्वीनी और कंपनी का पक्ष विवाद बढ़ता देख सिडनी स्वीनी ने सोशल मीडिया पर सेरेना विलियम्स और मेगन रैपिनो जैसे खिलाड़ियों की पुरानी तस्वीरें साझा कीं, जो पहले पत्रिकाओं के लिए फोटोशूट करवा चुकी हैं। इसे आलोचनाओं के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, नोविग के सीईओ जैकब फोर्टिन्स्की ने विज्ञापन का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य दर्शकों का ध्यान खींचना था और वे इसमें सफल रहे हैं। साथ ही, उन्होंने सफाई दी कि उनके प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल 21 वर्ष से अधिक आयु के लोग ही कर सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय पीआर विशेषज्ञ मार्क बोर्कोव्स्की का मानना है कि विवादित विज्ञापन से कंपनी को तात्कालिक पब्लिसिटी तो मिल गई है, लेकिन लंबे समय में यह स्वीनी की ब्रांड इमेज के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। फिलहाल, यह बहस सोशल मीडिया पर जारी है कि क्या खेलों के प्रचार के लिए महिलाओं का यौन चित्रण करना सही है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

दिशा सालियान केस: FIR में गैंगरेप-हत्या के गंभीर आरोप, क्या अब खुलेगा सुशांत मामले का भी सीक्रेट ?

Story 1

2029 से पहले पूरे देश में लागू होगा UCC? अमित शाह के ऐलान से विपक्ष में मची खलबली

Story 1

यूपी में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट: 14-15 सितंबर को रहें सावधान, 16 से मिलेगी राहत

Story 1

गाजियाबाद में अक्कू पंडित का गुंडा टैक्स विवाद: कैफे संचालिका से 50 हजार की रंगदारी, FIR दर्ज

Story 1

सऊदी अरब में ड्रोन हमले से दहला तेल बाजार: क्या खत्म होने वाला है दुनिया का तेल भंडार?

Story 1

हापुड़: ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने सरकारी राइफल से खुद को मारी गोली, थाने में मचा हड़कंप

Story 1

श्रीलंका के खिलाफ पहले T20 के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग 11 घोषित: एन्यूरिन डोनाल्ड करेंगे डेब्यू

Story 1

15,000 करोड़ का किशाऊ डैम : 6 राज्यों के बीच सुलझा दशकों पुराना विवाद, जानिए क्या है केंद्र का मास्टर प्लान

Story 1

गणपति उत्सव से नदारद क्यों रहे हीरो नंबर 1 ? सुनीता आहूजा ने खोल दिया राज़

Story 1

IND vs AFG: दूसरे टी20 में टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में बड़ा बदलाव, चोट के कारण बाहर हुआ ये मैच विनर!