2029 से पहले 21 राज्यों में UCC का संकल्प, विपक्ष का तीखा हमला: क्या है पूरा विवाद?
News Image

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया ऐलान ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। शाह ने स्पष्ट किया है कि एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

शाह का विजन: समानता की दिशा में बड़ा कदम गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की 25 साल की यात्रा उल्लेखनीय रही है। तीन तलाक को समाप्त करना मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। शाह का मानना है कि UCC का लागू होना देश में कानूनी समानता के लिए अनिवार्य है और उनकी सरकार आने वाले सालों में इसे 21 राज्यों तक विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

ओवैसी का पलटवार: यह समानता नहीं, निशाना बनाना है एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कदम को सीधे तौर पर संविधान का उल्लंघन बताया है। ओवैसी ने कहा कि भाजपा का यह फैसला समानता के लिए नहीं, बल्कि देश के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए है। उन्होंने इसे अनुच्छेद 25, 14, 26 और 29 का उल्लंघन करार दिया और चुनौती दी कि सरकार अगर इतनी ही प्रतिबद्ध है तो गोवा में पहले इसे लागू कर दिखाए।

कांग्रेस का आरोप: वोट बैंक की राजनीति कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपना लिया है। सांसद इमरान मसूद ने इसे केवल वोट बैंक की राजनीति बताया, जबकि वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने सवाल उठाया कि क्या UCC लागू करने से बेरोजगारी खत्म होगी या पेट्रोल की कीमतें कम होंगी? अल्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा का एजेंडा केवल मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुसलमान तक सीमित रह गया है।

साझेदार भी हुए असहज: बिहार में ना एनडीए के सहयोगी भी इस मुद्दे पर एकमत नहीं दिख रहे हैं। जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने साफ कर दिया है कि भले ही उन्होंने संसद में इस कानून का समर्थन किया हो, लेकिन बिहार में इसे लागू नहीं किया जाएगा। यह बयान एनडीए के भीतर चल रही वैचारिक खींचतान को जगजाहिर कर रहा है।

वर्तमान में UCC की क्या है स्थिति? देश में UCC के लागू होने का स्टेटस फिलहाल अलग-अलग चरणों में है:

आने वाले वर्षों में 21 राज्यों में इस कानून को धरातल पर उतारना केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी, खासकर तब जब विपक्षी दल और कुछ सहयोगी दल इसे संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बता रहे हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

प्रतियोगी परीक्षा में बड़ा बदलाव: नागपुर में 16 सितंबर को होगा खुला संवाद, आप भी दे सकेंगे सुझाव

Story 1

दिशा सालियान केस में नया मोड़: आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती समेत कई दिग्गजों पर FIR दर्ज

Story 1

भारत बनाम अफगानिस्तान: सीरीज पर कब्जा करने उतरेगी टीम इंडिया, जानें घर बैठे कैसे देखें दूसरा T20 मैच

Story 1

नकारा गया तो बल्ले से बरसे अंगारे: सलमान अली आगा ने जड़ा तूफानी तिहरा शतक

Story 1

नमस्ते भारत! : इजरायली राजदूत ने हिंदी में दी बधाई, बोले- दो प्राचीन भाषाएं जो आज भी हैं जीवित

Story 1

ब्रिक्स समिट में स्नैक खाने पर मचा बवाल: अधिकारी के समर्थन में उतरे मेजर जनरल, ट्रोल्स को सुनाई खरी-खरी

Story 1

बिहार MLC चुनाव: RJD की लिस्ट पर PK का बड़ा हमला, बोले- टिकट बिका है, मेहनत की कोई कीमत नहीं

Story 1

यूएस ओपन जीत के बाद ज्वेरेव के मजाक ने पकड़ा तूल, वायरल वीडियो से शुरू हुई फ्लर्टिंग की चर्चा

Story 1

टी20 मैच में वंदे मातरम का गुंजन: इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती कासमी ने कही बड़ी बात

Story 1

टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत: वनडे सीरीज में केएल राहुल को मिल सकता है बड़ा प्रमोशन