पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से चल रहे मदरसों के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सर्वेक्षण के बाद 352 मदरसों पर कार्रवाई की गई है, जिससे राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस पूरी कार्रवाई पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
कानून से ऊपर कोई नहीं दिलीप घोष ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि कानून का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। चाहे वह होटल हो या मदरसा, बिना सरकारी अनुमति के किसी भी संस्थान को चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी संस्थान वैध नहीं हैं, उन्हें जल्द ही बंद कर दिया जाएगा।
आतंकियों के मददगार शिक्षक मदरसों को लेकर दिलीप घोष ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में हुए कई आतंकी हमलों में मदरसों के शिक्षकों की संलिप्तता पाई गई है। उन्होंने दावा किया कि आतंकी इन संस्थानों को अपनी पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल करते हैं। घोष के अनुसार, यह लंबे समय से चिंता का विषय रहा है, लेकिन अब सरकार इसका स्थायी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
352 मदरसों पर गाज राज्य सरकार द्वारा की गई हालिया कार्रवाई के तहत 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन संस्थानों में न केवल वैध अनुमति का अभाव था, बल्कि वहां बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की भी भारी कमी पाई गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैध दस्तावेजों वाले मदरसों के संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी।
यूसीसी लागू करने की वकालत मदरसों के मुद्दे के बीच दिलीप घोष ने पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की पुरजोर वकालत की है। यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 2029 से पहले भाजपा शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि बंगाल सरकार की यह सख्ती राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में कितना बदलाव लाती है।
*#WATCH कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, कानून के बाहर कुछ नहीं चलेगा चाहे वह होटल हो या मदरसा। जहां सरकार की अनुमति नहीं है, वहां नहीं चल सकता है। अवैध चल रही सभी चीजे बंद होने वाली हैं। उन्हें चलाना है तो सरकार से अनुमति ले और चलाएं। जिनके पास अनुमति है,… pic.twitter.com/EY6NNAKexT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 14, 2026
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