नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। यह आयोजन केवल एक सफल सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत की उस रणनीतिक स्वायत्तता का प्रमाण है, जहां देश किसी एक खेमे में बंधे बिना अपने राष्ट्रीय हितों को साधने में सक्षम है।
असंभव को संभव बनाने की कला ब्रिक्स की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत ने चीन, रूस, ईरान, खाड़ी देशों और ब्राजील जैसे परस्पर विरोधी देशों को एक मेज पर बिठाया। दुनिया इस समय गहरे मतभेदों और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, ऐसे में भारत का इन देशों को एक साथ लाना कूटनीतिक कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
चीन के साथ संवाद का नया द्वार चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत ने कूटनीति की एक नई शुरुआत की है। हालांकि सीमा विवाद और अविश्वास एक ही दिन में खत्म नहीं होंगे, लेकिन ब्रिक्स ने दोनों देशों को एक ऐसा साझा मंच दिया है, जहां प्रतिस्पर्धा को खुली दुश्मनी में बदलने से रोका जा सकता है।
आर्थिक मोर्चे पर ठोस कदम इस बार की चर्चाएं केवल प्रतीकात्मक नहीं थीं। साझा ब्रिक्स मुद्रा की काल्पनिक बातों से हटकर, सीमा पार भुगतान प्रणालियों के तालमेल और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के अपने अनुभव के जरिए दुनिया के सामने एक तीसरा रास्ता पेश कर रहा है, जो न तो पूरी तरह निजी है और न ही पूरी तरह राज्य-नियंत्रित।
ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज भारत की अध्यक्षता ने ग्लोबल साउथ को एक वास्तविक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। भारत पश्चिम का विरोध किए बिना वैश्विक संस्थानों में सुधार की मांग उठा रहा है। यह संतुलन भारत को एक ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में पेश करता है जिसकी बात न केवल सुनी जाती है, बल्कि दुनिया की स्थापित शक्तियां भी उसे गंभीरता से लेती हैं।
अगली बड़ी चुनौती दिल्ली में आयोजित यह शिखर सम्मेलन एक बेहतरीन शुरुआत है, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है। भारत के सामने अब इस कूटनीतिक पूंजी को ठोस आर्थिक परिणामों, निवेश और तकनीकी साझेदारी में बदलने की चुनौती है।
भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि ब्रिक्स एक व्यावहारिक समूह बना रहे और किसी भू-राजनीतिक गुट की तरह पश्चिम विरोधी न हो जाए। भारत का हित इसी में है कि वह किसी एक पक्ष को चुनने के बजाय दुनिया को एक साथ लाने वाली ताकत बना रहे।
An immersive 30-second look at BRICS elements across New Delhi, India
— People s Daily, China (@PDChina) September 12, 2026
The 18th BRICS Summit is being held in New Delhi, India, from Sept. 12 to 13, and you can catch hints of its arrival all across the city. Follow People s Daily Online for a 30-second immersive look at BRICS… pic.twitter.com/ZqiGJDIVwj
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