बाढ़ के बीच तैरता अस्पताल : खगड़िया में नाव बन रही है जीवनरक्षक, 1000 से ज्यादा लोगों को मिली नई जिंदगी
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बिहार के कई जिले इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। चारों तरफ जलप्रलय के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट चुके हैं। ऐसे में खगड़िया जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल करते हुए फ्लोटिंग क्लिनिक और बोट एंबुलेंस की शुरुआत की है, जो पानी में घिरे लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।

नाव पर ही इलाज और दवाओं की सुविधा खगड़िया के जिलाधिकारी विक्रम वीरकर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विशेष रूप से तैयार 16 बोट एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इन नावों पर न केवल मरीजों की जांच की जा रही है, बल्कि जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर स्थिति में सर्जरी जैसी चिकित्सा सुविधाएं भी यहां सुलभ हैं।

एक हजार से ज्यादा मरीजों का सफल उपचार प्रशासन के अनुसार, अब तक इन तैरते अस्पतालों के जरिए 1000 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। साल 2020 में श्रावणी मेले के दौरान शुरू की गई यह व्यवस्था आज बाढ़ जैसी आपदा में मील का पत्थर साबित हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जलमग्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर मरीजों की सुध ले रही हैं।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर खास नजर बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को होती है। जिला प्रशासन ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की पहचान की है, ताकि समय रहते उन्हें बोट एंबुलेंस के जरिए सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, बच्चों के टीकाकरण का कार्य भी इन नावों के जरिए सुचारू रूप से जारी है।

विकराल होती बाढ़ और प्रशासन की चुनौती बिहार के करीब 15 जिलों में 47 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है। गंगा, कोसी, गंडक और बूढ़ी गंडक जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। हालांकि, कई जगहों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन सड़कों के डूबने और संपर्क कटने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुँचाना अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है।

सड़कों के विकल्प के रूप में उभरी नाव जब सड़कें पानी में विलीन हो जाती हैं, तो एंबुलेंस का पहुंचना नामुमकिन हो जाता है। खगड़िया मॉडल ने साबित कर दिया है कि आपदा के समय तकनीक और संसाधनों का सही तालमेल कैसे लोगों की जान बचा सकता है। अब खगड़िया के बाद बिहार के अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी मेडिकल टीम नावों के जरिए लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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