रूस में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को नई दिशा देने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच शांति और स्थिरता के लिए सीमा पर मौजूदा समझौतों का पालन अनिवार्य है।
सीमा पर शांति और आपसी समझ जरूरी पीएम मोदी ने बैठक में जोर देते हुए कहा कि भारत और चीन के संबंधों के लगातार विकास के लिए सीमावर्ती इलाकों में अमन-चैन होना पहली शर्त है। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से कहा कि दोनों देशों को सीमा से जुड़े मुद्दों पर बनी आपसी समझ और समझौतों का पूरी तरह सम्मान करना चाहिए। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि सीमा विवाद का समाधान निष्पक्ष और आपसी सहमति से निकाला जाना चाहिए।
तीन आपसी सिद्धांत पर जोर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-चीन रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए तीन आपसी मंत्र दिया- आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित। पीएम ने कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए। मतभेद इतने गहरे नहीं होने चाहिए कि वे विवाद बन जाएं।
बाजार तक पहुंच और आर्थिक सहयोग पर चर्चा बैठक में व्यापारिक संबंधों को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच बाजार तक सीधी पहुंच को आसान बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी संपर्क (People-to-people ties) को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।
दुनिया की नजर में भारत-चीन की जिम्मेदारी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में भारत और चीन की भूमिका बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा, दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य होने के नाते, भारत और चीन पर बड़ी जिम्मेदारियां हैं। शी ने आगे कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की खूबियों से सीखकर साझा विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।
बहुध्रुवीय दुनिया की वकालत शी जिनपिंग ने समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण और बहुध्रुवीय दुनिया की वकालत की। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को दीर्घकालिक नजरिए से देखता है। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देशों को आपसी समन्वय बढ़ाना होगा।
आतंकवाद पर कड़ा रुख ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जारी घोषणापत्र में भारत और चीन समेत सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। ब्रिक्स देशों ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आतंकवाद की कड़ी निंदा की है। यह बैठक दोनों देशों के बीच कड़वाहट कम करने और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
#WATCH | Delhi: During the bilateral meeting with PM Narendra Modi, Chinese President Xi Jinping said, In the face of a complex international landscape marked by intertwined changes and challenges, China and India, as the world s two most populous countries and important members… pic.twitter.com/MZff4EpQ6F
— ANI (@ANI) September 12, 2026
80 के दशक की टाइम मशीन में सवार हुए टीम इंडिया के सितारे, वैभव सूर्यवंशी का रिएक्शन वायरल
न रिकी पोंटिंग, न कोहली: राहुल द्रविड़ ने किसे माना दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कप्तान? जानें वजह
ब्रिक्स समिट के बीच दिल्ली की सड़कों और बाजारों में क्यों छाईं ईरान की ‘फर्स्ट डॉटर’ जहरा पेजेश्कियन?
भारत-मलेशिया साझेदारी को नई उड़ान: सेमीकंडक्टर और रक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति
क्या अरुणाचल में चीन ने बसा लिए हैं अपने गांव? डिंपल यादव ने सरकार से मांगा जवाब
5G नेटवर्क से परेशान ग्रामीणों का हंगामा: तकनीशियन को टावर से बांधा, वीडियो वायरल
बाबा रामदेव का आयुर्वेदिक हुक्का : क्या धुएं का सेवन वाकई स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है?
इंग्लैंड का पाकिस्तान पर क्लीन स्वीप : बर्मिंघम में रूट की कप्तानी में रचा इतिहास
9 छक्के, 11 चौके और 44 गेंदों में तबाही: इंग्लैंड लायंस ने श्रीलंका को चटाई धूल
कोलकाता मेट्रो बना अखाड़ा: RPF जवान से सरेआम भिड़ीं महिलाएं, वीडियो देख दंग रह गए लोग