ब्रिक्स समिट के बीच दिल्ली की सड़कों और बाजारों में क्यों छाईं ईरान की ‘फर्स्ट डॉटर’ जहरा पेजेश्कियन?
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नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की बेटी जहरा पेजेश्कियन चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। समिट की व्यस्तताओं से समय निकालकर जहरा ने दिल्ली के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया, जो कूटनीति के साथ-साथ सॉफ्ट पावर के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री संग्रहालय और कला की झलक शनिवार को जहरा पेजेश्कियन ने अपने पति हसन मजीदी के साथ ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ का दौरा किया। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्रियों की विरासत और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को करीब से समझा। इसके अलावा, उन्होंने नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम में लगे ‘ब्रिक्स बाजार’ का भी रुख किया, जहाँ ब्रिक्स देशों की साझा कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया गया है।

ईरान पैविलियन में खास दिलचस्पी ब्रिक्स बाजार में जहरा ने ईरान के पैविलियन का विशेष दौरा किया। यहाँ उन्होंने ईरानी कारीगरों के साथ लंबी बातचीत की और ईरान की समृद्ध शिल्प कला को सराहा। यह दौरा वैश्विक मंच पर ईरान की культур (सांस्कृतिक) छाप छोड़ने की एक कोशिश के तौर पर देखा गया।

कौन हैं जहरा पेजेश्कियन? जहरा सिर्फ एक राष्ट्रपति की बेटी नहीं, बल्कि मसूद पेजेश्कियन की प्रमुख राजनीतिक सलाहकार भी हैं। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खासकर महिला मतदाताओं को अपने पिता के पक्ष में लामबंद करने में जहरा की छवि ने निर्णायक काम किया। उन्हें ईरान में एक उभरती हुई प्रभावशाली सार्वजनिक हस्ती माना जाता है।

अहम क्यों है ईरान का यह भारत दौरा? ईरान के राष्ट्रपति का यह भारत दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पिछले कई महीनों से ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में मसूद पेजेश्कियन का भारत आना और वैश्विक नेताओं के साथ मंच साझा करना दुनिया भर के भू-राजनीतिक जानकारों का ध्यान खींच रहा है।

पीएम मोदी के साथ अहम बैठक मसूद पेजेश्कियन का यह भारत का पहला दौरा है। शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं, दूसरी ओर पीएम मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं के सामने दस प्रमुख प्रस्ताव पेश किए, जो इस समिट के भविष्य की दिशा तय करेंगे।

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