जोधपुर के छोरे का कमाल: सुनील गावस्कर के साथ कमेंट्री बॉक्स में गूंजेगी देवेंद्र की आवाज
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भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली आगामी टी20 सीरीज न केवल मैदान पर रोमांचक होने वाली है, बल्कि कमेंट्री बॉक्स में भी इस बार कुछ खास देखने को मिलेगा। इस सीरीज के लिए घोषित कमेंट्री पैनल में सुनील गावस्कर, संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक जैसे दिग्गजों के साथ राजस्थान के जोधपुर जिले के छतरपुरा गांव के 37 वर्षीय देवेंद्र कुमार भी अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे।

नर्स की नौकरी छोड़ चुनी कमेंट्री की राह देवेंद्र का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने शुरुआत में नर्सिंग की पढ़ाई की और इस पेशे में काम भी किया। उन्हें विदेश में नौकरी के बेहतर अवसर भी मिले, लेकिन उनका मन हमेशा से कमेंट्री की ओर खिंचा रहता था। अंततः उन्होंने अपने जुनून को करियर बनाने का साहसिक फैसला लिया।

हिंदी मीडियम से अंग्रेजी कमेंट्री का सफर देवेंद्र की सबसे बड़ी चुनौती भाषा थी। हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़े होने के बावजूद, उन्होंने अंग्रेजी कमेंट्री पर अपनी पकड़ बनाई। मशहूर कमेंटेटर टोनी ग्रेग की आवाज से प्रभावित होकर देवेंद्र ने रेडियो और अंग्रेजी अखबारों के जरिए खुद को तैयार किया। उन्होंने कमेंट्री को सिर्फ सुना नहीं, बल्कि उसकी बारीकियों को दिन-रात अभ्यास कर सीखा।

अफगानिस्तान क्रिकेट की स्थायी आवाज देवेंद्र को पहला बड़ा ब्रेक 2017 में मिला, जब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें अफगानिस्तान और आयरलैंड के बीच मैचों में कमेंट्री का अवसर दिया। इसके बाद से वह लगातार अफगानिस्तान के मैचों से जुड़े रहे और उनकी एक पहचान बन गए। अब वह केवल अफगानिस्तान तक सीमित नहीं हैं, हाल ही में उन्होंने बीसीसीआई की दलीप ट्रॉफी और बीबीसी जैसे बड़े मंचों पर भी अपनी प्रतिभा दिखाई है।

गावस्कर के साथ एक यादगार पल देवेंद्र के लिए यह सीरीज भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। जिस सुनील गावस्कर को सुनकर उन्होंने कमेंट्री का सपना बुना था, आज उसी मंच पर उनके साथ बैठकर वे भारत और अफगानिस्तान के मुकाबले का आंखों देखा हाल सुनाएंगे।

प्रेरणा की नई मिसाल छतरपुरा के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का यह सफर साबित करता है कि सपने देखने के लिए किसी बड़े शहर या कॉन्वेंट स्कूल के बैकग्राउंड की जरूरत नहीं होती। देवेंद्र की कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक मशाल है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत करने का हौसला रखते हैं।

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