ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: दिल्ली में शी जिनपिंग की दस्तक, भारत की अध्यक्षता में भविष्य की नई राह
News Image

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज हो चुका है। 12 और 13 सितंबर को आयोजित इस वैश्विक महाकुंभ में सदस्य देशों के प्रमुखों के साथ ही साझेदार देशों के प्रतिनिधि जुटे हैं। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है।

शी जिनपिंग का सात साल बाद भारत आगमन इस सम्मेलन का सबसे चर्चित पहलू चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दिल्ली में उपस्थिति है। करीब सात साल बाद भारत पहुंचे जिनपिंग के दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। चीन ने स्पष्ट किया है कि वह भारत के साथ संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखते हुए संवाद बढ़ाने और मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने का प्रयास करेगा।

मानव-केंद्रित विकास का नया मंत्र इस वर्ष की थीम बिल्डिंग फॉर रेजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी है। भारत ने इसे इंसानियत सबसे पहले की भावना के साथ जोड़ा है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक आंकड़े पेश करना नहीं, बल्कि विकास की चर्चा को आम आदमी के जीवन और उसकी जरूरतों से सीधा जोड़ना है।

संकट से निपटने के चार मजबूत स्तंभ भारत ने सम्मेलन के लिए चार आधार तय किए हैं:

आर्थिक एजेंडा और वैश्विक चुनौतियां सम्मेलन के आर्थिक विमर्श में भुगतान प्रणालियों (पेमेंट सिस्टम), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था और छोटे-मझोले उद्योगों (MSMEs) पर विशेष जोर दिया गया है। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के जरिए निजी क्षेत्र के लिए नए अवसर तलाशने की कोशिशें तेज हुई हैं।

भारत के लिए कूटनीतिक परीक्षा युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के बीच ब्रिक्स देशों के लिए एक साझा मंच तैयार करना भारत के सामने बड़ी चुनौती है। सामूहिक बैठकों से परे, सम्मेलन के दौरान होने वाली द्विपक्षीय वार्ताएं भारत के लिए अपने कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने का एक बड़ा जरिया साबित हो रही हैं।

अब दुनिया की निगाहें सम्मेलन के समापन पर जारी होने वाली अंतिम घोषणाओं पर हैं। क्या ब्रिक्स देश इन चर्चाओं को ठोस नीतिगत कदमों में बदल पाएंगे? इसका जवाब आने वाले समय में इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से ही मिलेगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

BRICS दिल्ली घोषणापत्र: वैश्विक व्यवस्था में बदलाव का नया ब्लूप्रिंट, जानें क्या हैं बड़े फैसले

Story 1

न बिकूंगी, न सुरक्षा की भीख मांगूंगी : भारत लौटकर डॉ. रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद को दी खुली चुनौती

Story 1

एशियन गेम्स से बाहर हुईं दिव्यांशी का छलका दर्द, कहा- अब सुसाइड करना ही आखिरी रास्ता

Story 1

वायरल: iPhone 17 Pro बना 18 Pro! भारतीयों के देसी जुगाड़ ने एप्पल की बढ़ाई टेंशन

Story 1

हरीश रावत का कांग्रेस के पदों से इस्तीफा: क्या ईडी की छापेमारी बनी वजह?

Story 1

ब्रिक्स समिट 2026: पीएम मोदी के 10 बड़े प्रस्ताव, ग्लोबल साउथ को रूल शेपर बनाने पर जोर

Story 1

रूस का भारत को बड़ा उपहार: फर्टिलाइजर की निर्बाध सप्लाई से किसानों की बढ़ेगी पैदावार

Story 1

रील के चक्कर में मौत से मुकाबला: सोनमर्ग में सिंध नदी के बीच फंसी स्कॉर्पियो, मची अफरा-तफरी

Story 1

क्या जिंदा है ओसामा बिन लादेन का बेटा? अलकायदा के नए वीडियो ने मचाई खलबली

Story 1

नागपुर में मानसून की जोरदार वापसी: झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, राहत की सांस ले रहे नागपुरवासी