मोबाइल टावर से बंधा इंजीनियर: 2 साल की नेटवर्क समस्या का विरोध या खुद रचा गया नाटक?
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के हरदौली गांव में मोबाइल नेटवर्क की बदहाली ने अजीबोगरीब मोड़ ले लिया है। दो साल से इंटरनेट और कॉलिंग की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने एक टेलीकॉम कंपनी के टेक्नीशियन को टावर से बांध दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है।

टावर पर क्यों पहुंचा था टेक्नीशियन? टेक्नीशियन आदित्यभान सिंह गांव में टावर की बिजली आपूर्ति की जांच करने पहुंचे थे। काम के दौरान ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और नेटवर्क की खस्ताहाल स्थिति को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि टावर लगने के बावजूद कनेक्टिविटी जीरो है।

हाथ-पैर बांधने के पीछे का चौंकाने वाला सच घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू अब सामने आया है। हालांकि टेक्नीशियन ने शिकायत में खुद को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का दावा है कि टेक्नीशियन ने खुद ग्रामीणों से कहा था कि वे उसे टावर से बांध दें।

सूत्रों के मुताबिक, टेक्नीशियन का मानना था कि जब तक मामला हाई-प्रोफाइल नहीं होगा, तब तक कंपनी के बड़े अधिकारी गांव की नेटवर्क समस्या पर ध्यान नहीं देंगे। क्या यह वास्तव में एक आक्रोशित भीड़ का कदम था, या कंपनी को जगाने के लिए टेक्नीशियन द्वारा रची गई एक हताश कोशिश? यह पुलिस की जांच का मुख्य विषय है।

वायरल वीडियो से पुलिस तक पहुंचा मामला भीड़ के बीच से किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में इंटरनेट पर वायरल हो गया। जानकारी मिलते ही 112 सेवा की टीम मौके पर पहुंची और टेक्नीशियन को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर थाने ले गई।

ग्रामीणों ने कहा कि वे लगातार रिचार्ज करवाते हैं, लेकिन इंटरनेट नहीं चलने से उनके जरूरी काम अटके पड़े हैं। टावर लगने के बाद जो उम्मीद जगी थी, वह अब हताशा में बदल चुकी है।

पुलिस ने दर्ज की FIR टेक्नीशियन आदित्यभान सिंह की शिकायत पर बिंदकी थाने में अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब वीडियो के जरिए मौके पर मौजूद लोगों की पहचान कर रही है। साथ ही, पुलिस इस पहलू की भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या टेक्नीशियन ने वाकई सहानुभूति बटोरने के लिए खुद को बंधवाया था।

यह मामला केवल एक टेक्नीशियन के अपमान का नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में डिजिटल इंडिया के खोखले दावों की एक कड़वी सच्चाई भी बयां कर रहा है। फिलहाल, गांव की नेटवर्क समस्या जस की तस बनी हुई है और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।

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