बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली का संकल्प: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा एक्शन
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दिल्ली सरकार ने बच्चों के संरक्षण, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने से लेकर स्कूल और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सख्त फैसले लिए गए।

बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान को मिलेगी नई रफ्तार

दिल्ली की सड़कों से बाल भिक्षावृत्ति को खत्म करने के लिए सरकार अब Child Begging Free Delhi अभियान को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाएगी। इस अभियान में सरकारी तंत्र के साथ-साथ NGOs, नागरिक संगठनों (CSOs) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) को जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य केवल बच्चों को सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि उनका समुचित पुनर्वास और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है।

स्कूलों में सुरक्षा का कवच : पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

स्कूलों को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बनाने पर जोर दिया गया है। अब स्कूल स्टाफ, वाहन चालकों, कंडक्टरों और अन्य सहायक कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके साथ ही, देशभर में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए स्कूलों में POCSO कानून के प्रति जागरूकता पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि बच्चे अपने अधिकारों के प्रति सतर्क हो सकें।

स्वास्थ्य और शिक्षा: HPV और समग्र विकास पर जोर

स्वास्थ्य के मोर्चे पर स्कूलों में HPV (Human Papillomavirus) जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह पहल किशोरों और महिला स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके अलावा, आंगनवाड़ी और पालना केंद्रों की नियमित समीक्षा के आदेश दिए गए हैं ताकि बच्चों को मिलने वाले पोषण और देखभाल की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे।

बाल गृहों से निकलने वाले युवाओं का होगा सहारा

बैठक में उन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया जो चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (CCIs) से बाहर निकलते हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आफ्टर केयर व्यवस्था को सशक्त बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि CCI छोड़ने के बाद भी बच्चे बेसहारा न हों, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर समाज में सम्मान के साथ जी सकें।

सरकार की प्राथमिकता: सुरक्षा के साथ सम्मान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के हर बच्चे को न केवल सुरक्षा चाहिए, बल्कि प्रगति के समान अवसर भी मिलने चाहिए। सरकार की यह कार्ययोजना महज कागजी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करने की प्रतिबद्धता है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन फैसलों को प्रशासनिक स्तर पर कितनी तेजी और कुशलता से लागू किया जाता है।

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