ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: दिल्ली में वैश्विक दिग्गजों का जमावड़ा, भारत मंडपम में शुरू हुआ महामंथन
News Image

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का औपचारिक आगाज हो चुका है। 13 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन के लिए राजधानी दिल्ली अभेद्य सुरक्षा घेरे में है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी समेत कई वैश्विक नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है।

मोदी-पुतिन की अहम बैठक: दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी

ब्रिक्स बिजनेस फोरम के इतर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 45 मिनट तक द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को प्राचीन तमिल क्लासिक तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। साथ ही, पुतिन ने पीएम मोदी को रूस आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।

वार्ता के प्रमुख बिंदु: परमाणु ऊर्जा से लेकर उर्वरक तक

दोनों नेताओं के बीच हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इसमें मुख्य रूप से रेल अवसंरचना, सुरंग निर्माण, इस्पात मूल्य श्रृंखला का विकास, असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग और क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) में साझा प्रयास शामिल हैं। भारत और रूस के बीच उर्वरक क्षेत्र में संयुक्त उपक्रम बनाने और रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

ब्रिक्स का बढ़ता कद: पीयूष गोयल ने पेश किए आंकड़े

ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने समूह की आर्थिक ताकत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों से वैश्विक निर्यात 2003 के 900 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 6 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। वैश्विक व्यापार में ब्रिक्स की हिस्सेदारी 12% से बढ़कर 24% हो गई है। यह आंकड़े ब्रिक्स की बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता और व्यापार विस्तार की असीमित संभावनाओं को दर्शाते हैं।

दिल्ली में सुरक्षा का कड़ा पहरा

सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली में 13 सितंबर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक डायवर्जन लागू हैं। सुरक्षा एजेंसियों, विशेषकर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने वीवीआईपी रूट की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में आज छुट्टी घोषित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

ब्रिक्स का विस्तार: अब 11 देशों का समूह

ब्रिक्स का स्वरूप पहले से काफी व्यापक हो चुका है। 2026 तक इसमें 11 देश शामिल हैं: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इंडोनेशिया और सऊदी अरब। डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने वाली नई करेंसी की चर्चा और दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं का यह समागम वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

आरक्षण की जंग: मनोज जरांगे के समर्थन में उतरे कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके, सरकार को दी कड़ी चेतावनी

Story 1

यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव का बड़ा चुनावी दांव, सरकार बनी तो इलाज, दवा और जांच होगी पूरी तरह मुफ्त

Story 1

पाकिस्तान का शर्मनाक चेहरा: 104 सिख श्रद्धालुओं को भारत आने से रोका, एयरपोर्ट पर मचा बवाल

Story 1

ब्रिक्स समिट में परोसा जाएगा स्वादिष्ट भारत , कश्मीरी कबाब से लेकर बिहार के सत्तू तक देखें शाही मेन्यू

Story 1

लंदन में हुई खास मुलाकात: एकनाथ शिंदे और विराट कोहली ने की महाराष्ट्र के भविष्य पर चर्चा

Story 1

BRICS समिट: दिल्ली में ट्रैफिक की अग्निपरीक्षा , जानें क्या बंद है और कहां मिलेगी राहत

Story 1

भगवद्गीता के बाद पुतिन को मिला थिरुक्कुरल का उपहार, पीएम मोदी के इस कदम के क्या हैं गहरे मायने?

Story 1

ब्रिक्स की बढ़ती ताकत: ग्लोबल जीडीपी में 40% हिस्सेदारी, जी-7 को पछाड़ा

Story 1

क्या हैवान ने तोड़ दिया अक्षय कुमार के फैंस का भरोसा? सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

Story 1

बाइक में लगा दिया ट्रैक्टर का टायर! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अनोखा जुगाड़