ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का औपचारिक आगाज ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ हो चुका है। इस महत्वपूर्ण फोरम में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत स्थिति और ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग पर जोर दिया।
आर्थिक कूटनीति का बढ़ता महत्व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में आर्थिक कूटनीति की भूमिका सबसे अहम हो गई है। उन्होंने जोर दिया कि विदेश नीति और व्यापार का तालमेल ही भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रहा है।
वैश्विक व्यापार में ब्रिक्स की बड़ी हिस्सेदारी पीयूष गोयल ने आंकड़ों के जरिए बताया कि ब्रिक्स संगठन वर्तमान में वैश्विक व्यापार के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि इंट्रा-ब्रिक्स व्यापार में भारत एक आधार स्तंभ है। भारत ने इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात में बड़ी बढ़त बनाई है, जबकि दुनिया की फार्मेसी के रूप में हमारी पहचान वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भरोसे का प्रतीक है।
व्यापारिक नियमों को सरल बनाने की अपील पीयूष गोयल ने सदस्य देशों से भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजार और अधिक खोलने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि व्यापार को गति देनी है, तो रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को सरल बनाना होगा। कस्टम क्लीयरेंस और डिलीवरी की प्रक्रिया तेज होने से सदस्य देशों के बीच व्यापार का दायरा और बढ़ेगा।
अस्थिरता के दौर में छिपे हैं अवसर: डॉ. एस. जयशंकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक अनिश्चितता को एक नई चुनौती के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में अस्थिरता और जटिलता मुख्य विशेषताएं बन गई हैं। संघर्षों और महामारी के असर ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, लेकिन इसी दौर में तकनीकी क्रांति और डिजिटलाइजेशन ने प्रगति के नए मौके भी दिए हैं।
आत्मनिर्भरता और लचीली सप्लाई चेन पर फोकस डॉ. जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों को आपसी व्यापारिक सुगमता बढ़ानी होगी। उन्होंने पारदर्शी व्यापार, भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स और समान व्यापारिक माहौल पर जोर दिया। विदेश मंत्री के अनुसार, भारत अपनी विशाल विनिर्माण क्षमता, डिजिटल अनुभव और नवाचार के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
भविष्य की ओर बढ़ता भारत अंत में डॉ. जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकटों से बचने के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है। ऊर्जा प्रणालियों को ऐसा बनाना होगा जो किसी भी व्यवधान को झेल सकें। भारत अपने विशाल बाजार और प्रतिभा के दम पर ब्रिक्स के अगले चरण के लिए एक व्यावहारिक और स्पष्ट व्यावसायिक दृष्टिकोण पेश कर रहा है।
#WATCH | BRICS Summit 2026 | Speaking at BRICS Business Forum, Union Commerce and Industry Minister Piyush Goyal says, BRICS today represents almost one-fourth of global trade. India is an important pillar of the intra-bricks trade. Engineering goods and electronics account for… pic.twitter.com/VuyGAhNtj6
— ANI (@ANI) September 11, 2026
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