लाला अमरनाथ: जब शतक जड़ते ही स्टेडियम में महिलाओं ने लुटा दिए थे मंगलसूत्र
News Image

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में लाला अमरनाथ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। वे न केवल स्वतंत्र भारत के पहले टेस्ट कप्तान थे, बल्कि भारतीय क्रिकेट के पहले सुपरस्टार भी थे। आज उनकी जयंती पर आइए जानते हैं उस खिलाड़ी की कहानी, जिसने मैदान पर अपने खेल से दर्शकों को सम्मोहित कर दिया था।

डेब्यू पर ही मचाया तहलका

साल 1933 का था। बंबई के जिमखाना ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ लाला अमरनाथ ने अपना टेस्ट डेब्यू किया। महज 22 साल की उम्र में क्रीज पर उतरे अमरनाथ ने दबाव को दरकिनार करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने 118 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली और भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए।

जब मैदान पर बरस गए गहने

अमरनाथ की इस पारी का प्रभाव इतना गहरा था कि दर्शक सुध-बुध खो बैठे थे। एक प्रचलित किस्से के अनुसार, जब उन्होंने अपना शतक पूरा किया, तो स्टेडियम में मौजूद महिलाएं इस कदर भावुक और उत्साहित हो गईं कि उन्होंने अपने गहने और मंगलसूत्र भी मैदान की ओर फेंक दिए। यह उस दौर में किसी खिलाड़ी के लिए दीवानगी की पराकाष्ठा थी।

स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान और ब्रैडमैन का शिकार

आजादी के बाद, 1947-48 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लाला अमरनाथ भारतीय टीम के कप्तान बने। यह दौरा उनके नेतृत्व और खेल कौशल के लिए हमेशा याद किया जाएगा। इसी दौरे पर उन्होंने महान डॉन ब्रैडमैन को हिट विकेट आउट किया था। अपने पूरे करियर में ब्रैडमैन सिर्फ एक बार हिट विकेट हुए थे, और वह कारनामा अमरनाथ ने ही किया था।

देश को दिलाई पहली ऐतिहासिक जीत

लाला अमरनाथ की कप्तानी का जादू 1952 में भी चला, जब उनकी अगुवाई में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की। यह आजाद भारत की पहली टेस्ट सीरीज जीत थी। जिस व्यक्ति ने भारत को टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक दिया, उसी ने देश को पहली सीरीज जीत का स्वाद भी चखाया।

एक शानदार ऑलराउंडर का सफर

लाला अमरनाथ का क्रिकेट करियर दूसरे विश्व युद्ध की भेंट चढ़ गया, वरना उनके आंकड़े और भी भव्य हो सकते थे। उन्होंने 24 टेस्ट खेले, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन गजब का था। उन्होंने 186 मैचों में 10,426 रन बनाए, जिसमें 31 शतक शामिल थे।

उनके इसी अतुलनीय योगदान के सम्मान में BCCI ने 1994 में उन्हें देश का पहला सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। 5 अगस्त 2000 को भले ही वे हमसे दूर हो गए, लेकिन भारतीय क्रिकेट की नींव में उनका नाम हमेशा के लिए अंकित हो गया।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अब टोल पर नहीं लगेगा ब्रेक: फरवरी से देश में शुरू होगा बैरियर-फ्री टोल सिस्टम

Story 1

जौहर विवाद: जाहिल और जमूरे हैं , स्वरा भास्कर के बयान पर कुमार विश्वास का तीखा हमला

Story 1

BRICS समिट 2026: दिल्ली पहुंचे पुतिन, 60 घंटे की मैराथन कूटनीति के लिए तैयार भारत

Story 1

रॉकेट-ड्रोन और घातक हथियार... लेबनान में इजरायल का अंडरग्राउंड एक्शन, बम विस्फोट से उड़ी हिज्बुल्लाह की 2 किलोमीटर लंबी सुरंग

Story 1

महिला एशिया कप 2026: शेफाली का तूफान, भारत फाइनल में पहुंचा

Story 1

बॉक्स ऑफिस पर हनुमान अंश और मिर्जापुर की रोमांचक जंग, जानें गुरुवार का स्कोर

Story 1

दिल्ली ब्रिक्स समिट: पुतिन की डील और जिनपिंग का गिफ्ट , भारत बना वैश्विक कूटनीति का केंद्र

Story 1

टीम इंडिया में मची खलबली: फिजियो कमलेश जैन ने दिया इस्तीफा, क्या वाकई सब कुछ ठीक है?

Story 1

BRICS Summit 2026: पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक के जरिए दुनिया को दिया सज्जनता का कूटनीतिक संदेश

Story 1

मेहंदी लगाने वाली मशीन का हैरतअंगेज वीडियो: क्या अब मशीनों की बारी है?