GDP आंकड़ों पर छिड़े घमासान के बीच IMF ने भारत के पक्ष में भरी हुंकारी
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31 अगस्त को जारी हुए भारत की GDP के 7.8% के आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था में जान फूंक दी थी, लेकिन इसके साथ ही आंकड़ों की विश्वसनीयता पर बहस भी छिड़ गई। अब इस विवाद पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

IMF का भरोसा: संकट झेलने में सक्षम है भारत

IMF की प्रवक्ता जूली कोजाक ने स्पष्ट किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था एक मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि हालांकि महंगे कच्चे तेल का दबाव हर तेल आयातक देश पर पड़ता है, लेकिन भारत ने इस झटके को काफी मजबूती से झेला है। IMF अब अक्टूबर में भारत के लिए अपने नए आर्थिक अनुमान जारी करेगा, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

पीएम मोदी ने आलोचकों को दिया था जवाब

GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। SRCC के एक कार्यक्रम में उन्होंने देश की आर्थिक प्रगति पर सवाल उठाने वालों को नाराज फूफा करार दिया था। पीएम ने कहा कि भारत पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी डायनामिज्म के युग में प्रवेश कर चुका है।

क्यों हो रही है आंकड़ों पर खींचतान ?

7.8% की ग्रोथ दर उम्मीद से कहीं बेहतर रही, जिसे कुछ पूर्व अधिकारियों ने चुनौती दी है। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग जैसे विशेषज्ञों ने तर्क दिया है कि यदि पुरानी गणना पद्धति का इस्तेमाल किया जाए, तो यह आंकड़े काफी कम हो सकते हैं। आलोचकों का मानना है कि वास्तविक स्थिति आंकड़ों से अलग हो सकती है।

सरकार ने दी सफाई: नई पद्धति, सटीक परिणाम

आलोचकों के दावों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा कि नई GDP सीरीज ज्यादा आधुनिक और सटीक है। डबल डिफ्लेशन पद्धति का उपयोग करते हुए उत्पादन लागत और वास्तविक कीमत को अलग-अलग मापा जा रहा है। सरकार का तर्क है कि पुरानी और नई सीरीज की तुलना करना ही गलत है, क्योंकि नई व्यवस्था अलग-अलग सेक्टरों की गतिविधियों को कहीं अधिक बारीकी से दर्शाती है।

आर्थिक मजबूती के सबूत

आंकड़ों के विवाद के बीच, जमीनी हकीकत का समर्थन अन्य संकेतकों से भी हो रहा है। अगस्त में ऑटोमोबाइल की बिक्री में उछाल, मजबूत बैंक क्रेडिट और डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 23% की सालाना बढ़ोतरी साफ संकेत दे रही है कि अर्थव्यवस्था में मांग और निवेश का पहिया तेजी से घूम रहा है। अक्टूबर के आंकड़े ही यह तय करेंगे कि 7.8% की यह रफ्तार कितनी टिकाऊ है।

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