मायावती का मास्टरस्ट्रोक : आकाश आनंद को बाहर कर भतीजे ईशान को राजनीति के केंद्र में उतारा
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बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़े बदलावों का दौर जारी है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने उत्तराधिकारी माने जाने वाले आकाश आनंद को दरकिनार करने के बाद अब अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी सौंप दी है। इस कदम से बसपा की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

अशोक सिद्धार्थ के बाद आकाश पर गिरी गाज

राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने पर मायावती ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था- देर आए, दुरुस्त आए। इसके तुरंत बाद मायावती ने सिद्धार्थ के दामाद और अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से मुक्त कर दिया। मायावती ने उन पर पार्टी हित से ऊपर पारिवारिक स्वार्थ को रखने का गंभीर आरोप लगाया है।

ईशान आनंद की दमदार एंट्री

मायावती ने अब छोटे भतीजे ईशान आनंद को बसपा के बड़े मंच पर लॉन्च कर दिया है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर ईशान का एक्स (ट्विटर) अकाउंट सार्वजनिक करते हुए कार्यकर्ताओं से उन्हें फॉलो करने को कहा है। ईशान का यह कदम पार्टी में उनकी बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।

19 राज्यों की कमान, नई जिम्मेदारी

ईशान आनंद को पार्टी में एक बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उन्हें लगभग 15 से 19 राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया गया है। फिलहाल उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्यों से दूर रखा गया है। वह अन्य राज्यों में संगठन की समीक्षा करेंगे और अपनी रिपोर्ट सीधे मायावती और पिता आनंद कुमार को सौंपेंगे।

कौन हैं ईशान आनंद?

ईशान आनंद बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं। उन्होंने नोएडा से शुरुआती पढ़ाई के बाद लंदन के वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय से कानून (LLB) की डिग्री हासिल की है। अब तक वे परिवार का बिजनेस संभाल रहे थे, लेकिन अब वे पूर्णकालिक राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं। अप्रैल 2025 में उनकी शादी राधिका खन्ना के साथ हुई थी।

अनुशासन और सिद्धांतों पर जोर

मायावती ने स्पष्ट किया है कि बसपा की राजनीति बाबा साहेब आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के त्याग और समर्पण के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि आकाश आनंद में पार्टी के प्रति वफादारी की कमी थी, क्योंकि उन्होंने पारिवारिक मोह में आकर पार्टी के आधिकारिक पोस्ट तक को रिपोस्ट नहीं किया था।

ईशान आनंद ने भी सोशल मीडिया पर मायावती के फैसलों का खुलकर समर्थन किया है। अब बसपा के भीतर ईशान को एक नए और अनुशासित युवा विकल्प के तौर पर पेश किया जा रहा है।

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