ईरान ने पहाड़ों के नीचे गड़ी न्यूक्लियर लंका , अमेरिकी बंकर-बस्टर बमों से होगी आर-पार की जंग
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तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बावजूद ईरान ने अपने परमाणु मंसूबों को सुरक्षित करने के लिए एक बेहद खतरनाक योजना पर काम पूरा कर लिया है। तेहरान से 140 मील दूर नतांज न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स के पास मौजूद पिकैक्स माउंटेन के भीतर ईरान ने एक ऐसी न्यूक्लियर लंका तैयार की है, जो जमीन से सैकड़ों फीट नीचे है और किसी भी हवाई हमले को झेलने में सक्षम है।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुला बड़ा राज सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह सालों की सैटेलाइट तस्वीरों में पिकैक्स माउंटेन पर हलचल कई गुना बढ़ गई है। 2026 में यहां निर्माण कार्य ने जोर पकड़ा है। अब सुरंग के दरवाजों को कंक्रीट और फौलाद से अभेद्य बनाया जा रहा है, और पहाड़ से निकला मलबा लगातार हटाया जा रहा है, जो इसकी विशालता को दर्शाता है।

क्या छुपा रहा है ईरान? खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस पहाड़ के अंदर तीन बेहद खतरनाक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है:

  1. सेंट्रीफ्यूज असेंबली: आधुनिक सेंट्रीफ्यूज को सुरक्षित रखना ताकि हवाई हमले में उन्हें नुकसान न हो।
  2. यूरेनियम संवर्धन: हथियार बनाने के स्तर तक यूरेनियम को प्रोसेस करने के लिए गुप्त फैसिलिटी।
  3. परमाणु अनुसंधान: न्यूक्लियर वेपन रिसर्च सेंटर, जहां सीधे परमाणु बम बनाने की तकनीक पर काम हो रहा है।

ट्रंप की धमकी और पेंटागन का बंकर बस्टर प्लान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका पिकैक्स माउंटेन पर हमला करने के लिए तैयार है। पेंटागन इस ठिकाने को नेस्तनाबूद करने के लिए खास सैन्य रणनीति बना रहा है। अमेरिका अपने सबसे भारी-भरकम गैर-परमाणु बमों का उपयोग करने की योजना बना रहा है, लेकिन ग्रेनाइट का पहाड़ इतना मजबूत है कि सामान्य बम वहां कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

अमेरिका कर रहा है नेक्स्ट जनरेशन हथियारों का परीक्षण पहाड़ की गहराई को चीरने के लिए अमेरिका ने अपनी हथियारों की तकनीक को और घातक बना लिया है। न्यू मेक्सिको की व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज में अमेरिका ने गुप्त रूप से नेक्स्ट जनरेशन पेनेट्रेटर बमों का परीक्षण किया है। इन बमों को विशेष रूप से जमीन के बहुत नीचे बने बंकरों को तबाह करने के लिए तैयार किया गया है।

मिडल ईस्ट में चढ़ा युद्ध का पारा पिकैक्स माउंटेन का मामला ऐसे समय में गर्माया है जब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अपने चरम पर है। होर्मुज की खाड़ी में युद्धपोतों पर हमलों और जोर्डन में अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

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