श्रीनगर में विवाद की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में ‘वंदे मातरम’ का संपूर्ण गायन एक नए राजनीतिक विवाद की वजह बन गया है। श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजन के दौरान राष्ट्र गीत के सभी छह अंतरे गाए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला सम्मान में खड़े रहे, लेकिन यह बात कांग्रेस को रास नहीं आई।
कांग्रेस की आपत्ति और तर्क कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे संस्करण के गायन पर कड़ा एतराज जताया है। पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने तर्क दिया कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस संस्करण को अपनाया था, वही गाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे सांप्रदायिक रंग से बचाने के लिए लिया गया एक ऐतिहासिक निर्णय बताया।
सहयोगी दलों से डैमेज कंट्रोल की मांग कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों से अपील की है कि वे स्वतंत्रता सेनानियों की उस समझ का सम्मान करें। वेणुगोपाल का मानना है कि वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण को लेकर कांग्रेस का स्टैंड ऐतिहासिक और वैचारिक है। पार्टी चाह रही है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और अन्य सहयोगी दल इस मसले पर उनके रुख का समर्थन करें, क्योंकि इसे लेकर पार्टी के भीतर असहजता साफ दिख रही है।
भाजपा का तीखा हमला: 21वीं सदी की मुस्लिम लीग कांग्रेस की इस आपत्ति के बाद भाजपा हमलावर हो गई है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां कांग्रेस के सहयोगी दल भी राष्ट्र गीत के पूर्ण गायन में शामिल होकर सम्मान दिखा रहे हैं, वहीं कांग्रेस केवल इसका विरोध कर रही है।
मुस्लिम लीग की मानसिकता दोहरा रही कांग्रेस सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को 21वीं सदी की मुस्लिम लीग करार दिया। उन्होंने कहा कि संसद द्वारा नियमों के बावजूद कांग्रेस का विरोध यह दिखाता है कि पार्टी आज भी कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा दे रही है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि भारत में राष्ट्र गीत के संपूर्ण गायन को लेकर कोई भी आपत्ति देश की एकता और अखंडता के खिलाफ है।
*The full version of Vande Mataram sits uneasily with the syncretic and pluralist ethos that our freedom fighters envisioned and nurtured for India.
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) September 8, 2026
For us, the considered judgment of Mahatma Gandhi, Pandit Nehru, Sardar Patel, Subhash Chandra Bose, Rajendra Prasad, Acharya… pic.twitter.com/VngmVUmevz
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द
दीपिका पादुकोण के मैटरनिटी फोटोशूट में बेटी दुआ ने लूटी महफिल, फैंस बोले- ये तो रणवीर की कार्बन कॉपी है
बंगाल में नॉन-वेज पर सियासी घमासान: धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर आमने-सामने आए नेता
मुझे पहले से पता था पाकिस्तान 3-0 से हारेगा , वसीम अकरम का अपनी ही टीम पर बड़ा हमला
एशियन गेम्स 2026: भारतीय क्रिकेट टीम को नहीं मिलेगी 5-स्टार लग्जरी, जानें क्या है खास इंतजाम?
एशिया कप 2026: सेमीफाइनल की जंग तैयार, भारत और बांग्लादेश की होगी टक्कर!
पीएम सूर्य घर योजना: अब बिजली बिल की नहीं टेंशन, 56 लाख परिवारों का बिल हुआ जीरो
लाल टोपी से अब नीली टी-शर्ट तक: अखिलेश यादव का ‘नया ड्रेस कोड’ और सियासी दांव
इजरायल का कूटनीतिक अलगाव: ब्रिटेन समेत 12 देशों ने बस्तियों के बहिष्कार का किया ऐलान
अमेरिका-कनाडा ट्रेड वॉर: डेयरी उत्पादों पर बैन, व्यापारिक रिश्तों में आई बड़ी दरार