पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। संगरूर जिले के रहने वाले 50 वर्षीय गुलजार सिंह ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। मरने से पहले बनाए गए उनके वीडियो ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
सवाल पूछने पर मिली प्रताड़ना गुलजार सिंह ने कुछ दिन पहले प्रदेश के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से उनके गांव के दौरे के दौरान एक सवाल पूछा था। उन्होंने रोते हुए मंत्री को बताया था कि उनका बेटा चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) का आदी है और इस नशे ने उनका घर बर्बाद कर दिया है। गुलजार सिंह का आरोप था कि सवाल पूछने के बाद स्थानीय सरपंच और पुलिस प्रशासन ने उन्हें घेर लिया और मंत्री से माफी मांगने का भारी दबाव बनाया गया।
वीडियो में बयां किया दर्द कीटनाशक पीने के बाद बनाए गए अपने आखिरी वीडियो में गुलजार सिंह ने कहा, मेरी मौत के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और गांव का सरपंच जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स का धंधा खुलेआम चल रहा है, लेकिन सत्ताधारी दल के नेता और प्रशासन मदद करने के बजाय आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित कर रहे हैं।
बीजेपी और कांग्रेस का तीखा हमला इस घटना के बाद विपक्ष हमलावर है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इसे दलित उत्पीड़न और प्रशासनिक विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि एक पिता ने अपने बेटे को नशे से बचाने की गुहार लगाई, लेकिन बदले में उसे इतनी प्रताड़ना दी गई कि उसने मौत को गले लगा लिया। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि AAP सरकार विज्ञापनों के जरिए ड्रग्स की सच्चाई को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रही है।
अकाली दल का सरकार से सीधा सवाल शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि आखिर सरकार ड्रग्स माफिया पर कार्रवाई करने में इतनी बेबस क्यों है? विपक्षी दलों का कहना है कि यह मौत एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पंजाब के प्रशासनिक तंत्र की विफलता का सबूत है।
आंकड़ों में कैद पंजाब का जहर सरकारी आंकड़े भी इस भयावह स्थिति की पुष्टि करते हैं। राज्य के नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की संख्या में 164 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है। वर्ष 2024 में जहां 9,577 लोग पुनर्वास केंद्रों में भर्ती हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 25,290 तक पहुंच गई। 2026 में भी यह ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है, जो बताता है कि सरकारी दावे और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।
*One simple, direct question to the @AAPPunjab government on drugs landed 50-year old Gulzar Singh straight in the hospital!
— Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) September 7, 2026
‘My son consumes Chitta daily! Why hasn’t the Aam Aadmi Party done anything to stop it. Why have you all failed so miserably in stopping drug trade?’… pic.twitter.com/t1oqMFf2JA
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