विधानसभा में सियासी बवाल: अपमानजनक टिप्पणी से छलके स्पीकर के आंसू, विपक्ष पर बरसी सरकार
News Image

तेलंगाना विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन के भीतर उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया जब विधानसभा स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार अपनी कुर्सी पर रो पड़े। यह सब BRS MLC थाथा मधु द्वारा कथित तौर पर की गई एक अपमानजनक टिप्पणी के बाद हुआ।

क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत सदन के बाहर से हुई। BRS नेता कांग्रेस सरकार के खिलाफ काली टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने विधानसभा गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान BRS MLC थाथा मधु ने बेहद आपत्तिजनक बयान दिया।

आरोप है कि MLC ने कहा कि BRS सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव (KCR) इसलिए विधानसभा नहीं आ रहे हैं क्योंकि वह एक दलित स्पीकर को सर कहकर संबोधित नहीं करना चाहते।

मंत्री सीताक्का का पलटवार सदन में मंत्री सीताक्का ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अपमान करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने BRS नेताओं को अपनी वर्चस्ववादी विचारधारा छोड़ने और बिना शर्त माफी मांगने की चेतावनी दी। साथ ही, उन्होंने MLC के खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की।

स्पीकर हुए भावुक सीताक्का के संबोधन के दौरान स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे उनकी आंखों में आंसू आ गए, जिससे सदन में सन्नाटा पसर गया। स्पीकर को इस तरह देख सत्ताधारी दल के नेता और अधिक आक्रामक हो गए।

मुख्यमंत्री ने बताया काला दिन मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस घटना को तेलंगाना के लिए काला दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ स्पीकर का नहीं, बल्कि राज्य की चार करोड़ जनता का अपमान है।

मुख्यमंत्री ने BRS पर दलित-विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा, जो पार्टी दलितों को मुख्यमंत्री बनाने और जमीन देने का वादा पूरा नहीं कर सकी, वह आज दलित स्पीकर का अपमान करने पर उतर आई है। उन्होंने मांग की है कि KCR को इस मामले पर माफी मांगनी चाहिए और आरोपी MLC की सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए।

सदन में एकजुटता और स्थगन विवाद इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। भाजपा और AIMIM सहित तमाम दलों के विधायकों ने एकजुटता दिखाते हुए स्पीकर के कक्ष जाकर उनसे मुलाकात की और घटना की निंदा की। फिलहाल, इस मुद्दे ने तेलंगाना की राजनीति में दलित अस्मिता की नई बहस छेड़ दी है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

जेन-जी पर भाजपा का नया विजन: युवाओं पर कोई सोच नहीं थोपती पार्टी , खान-पान पर शमिक भट्टाचार्य का बड़ा बयान

Story 1

यूपी में भारी बारिश का अलर्ट: 9 सितंबर तक राहत के आसार नहीं, इन 6 जिलों के लिए जारी हुई चेतावनी

Story 1

36,000 फीट की ऊंचाई पर इंजन से टपकने लगा तेल, एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग

Story 1

क्या चीन अरुणाचल प्रदेश पर कब्जा करने की हिम्मत रखता है? सामने आई 4 बड़ी मजबूरियां

Story 1

शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक: आद्य क्रांतिवीर उमाजी नाईक को सीएम फडणवीस ने किया नमन

Story 1

दुर्गा पूजा पर नॉन-वेज का विवाद: धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बंगाल बीजेपी ने घेरा, कहा- बंगाली खुद तय करेंगे अपना भोजन

Story 1

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के CEO का वायरल वीडियो निकला फर्जी, जानिए क्या है पूरी सच्चाई

Story 1

UN का नया वर्ल्ड मैप: क्या बदल गई कश्मीर की स्थिति? भारत-पाकिस्तान में क्यों मचा है सियासी घमासान?

Story 1

दलीप ट्रॉफी फाइनल: कुमार कुशाग्र का आतिशी शतक, ईशान किशन के साथ मिलकर मचाया तहलका

Story 1

क्या केएल राहुल छोड़ रहे हैं दिल्ली कैपिटल्स? वायरल वीडियो और KKR ट्रेड की खबरों का सच