भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए अब आत्मनिर्भर बन रहा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित आकाश मिसाइल सिस्टम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यह स्वदेशी मिसाइल आज भारतीय सेना और वायुसेना की रीढ़ बनी हुई है।
क्या है आकाश मिसाइल सिस्टम? आकाश एक शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर (जमीन से हवा में मार करने वाली) मिसाइल है। इसे मुख्य रूप से फाइटर जेट्स, क्रूज़ मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों से देश के संवेदनशील ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा निर्मित यह सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
कैसे काम करती है यह ताकत? यह मिसाइल केवल एक हथियार नहीं, बल्कि एक पूरा सिस्टम है। इसमें रडार, कमांड सिस्टम और लॉन्चर एक साथ मिलकर काम करते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसमें मौजूद इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स (ECCM) क्षमता है, जो इसे दुश्मन के जैमिंग प्रयासों को नाकाम करने में मदद करती है।
मिसाइल की मारक क्षमता और सटीक निशाने आकाश मिसाइल के सटीक निशाने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मिसाइल से लक्ष्य को भेदने की संभावना 88% है। यदि एक साथ दो मिसाइलों (साल्वो) से हमला किया जाए, तो दुश्मन के बचने की संभावना लगभग खत्म (99%) हो जाती है। इसमें 60 किलोग्राम का हाई-एक्सप्लोसिव प्री-फ्रैग्मेंटेड वॉरहेड लगा होता है, जो हवा में ही दुश्मन को ढेर कर देता है।
स्पीड और रेंज का दम आकाश की गति इसे अन्य मिसाइलों से अलग बनाती है। यह मैक 2.5 से मैक 3.5 (लगभग 4,200 किमी/घंटा) की अत्यधिक गति से उड़ान भर सकती है। इसकी ऑपरेशनल रेंज 4.5 किमी से 25 किमी तक है, जिसे कुछ आधुनिक वेरिएंट्स में 30 किमी तक बढ़ाया गया है।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएं:
भारतीय सेना में शामिल आकाश मिसाइल सिस्टम ने न केवल रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट की एक नई उम्मीद जगाई है।
DRDO has successfully flight tested the New Generation Akash Missile (Akash-NG) a Surface to Air Missile from Integrated Test Range (ITR) off the coast of Odisha today 21st July 2021. The flawless performance of the entire weapon system has been confirmed by complete flight data. pic.twitter.com/LldOF8aqGT
— DRDO (@DRDO_India) July 21, 2021
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