दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत के भरभराकर गिरने से हड़कंप मच गया है। मलबे के नीचे दबे छात्रों की चीखों ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बचाव कार्य अभी भी जारी है और हर गुजरता पल मलबे में फंसे लोगों के लिए भारी साबित हो रहा है।
बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ हादसे के वक्त पास ही मौजूद थे। जैसे ही उन्हें जानकारी मिली, वे तुरंत घटनास्थल पहुंचे। जाखड़ ने बताया कि मलबे के नीचे से छात्रों की कराहने और मदद मांगने की आवाजें आ रही थीं। एक छात्र ने बेहद दर्द भरी आवाज में उनसे कहा, मैं मरना नहीं चाहता, मुझे बचा लो। उसके हाथ के पास एक किताब पड़ी थी, जो वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों के खौफनाक मंजर को बयां कर रही थी।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव जाखड़ का दावा है कि प्रशासन के पहुंचने से पहले ही उन्होंने अपने साथियों के साथ मलबा हटाना शुरू कर दिया था। उनके प्रयासों से तीन लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से दो की जान बचा ली गई, लेकिन एक व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। जाखड़ ने इलाके में चल रहे अवैध पीजी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अस्पताल में भर्ती 5 लोग, 17 एंबुलेंस तैनात CATS के नोडल अधिकारी बलराज सिंह ने जानकारी दी कि अब तक पांच लोगों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। घटनास्थल पर 17 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। हालांकि, अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय लोग 25 से 30 लोगों के दबे होने की आशंका जता रहे हैं।
राजनीति नहीं, बचाव है प्राथमिकता घटनास्थल पर पहुंचे दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने एक सुर में कहा कि अभी समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का है। मेयर ने सिस्टम की खामियों को स्वीकारा, वहीं दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही और प्रशासनिक जवाबदेही पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस की टीमें युद्धस्तर पर मलबे को हटाने में जुटी हैं। घटनास्थल पर दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि और अन्य एजेंसियां भी मौजूद हैं, जो हर संभव मदद का भरोसा दे रही हैं। फिलहाल पूरे इलाके में तनाव और गम का माहौल है, और सबकी निगाहें मलबे के नीचे दबे उन लोगों पर टिकी हैं जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार संघर्ष कर रही है।
#WATCH | Delhi | Satya Niketan building collapse | NSUI President Vinod Jakhar says, We happened to be nearby when we received a call from an NSUI colleague saying that a fellow worker was trapped inside. A colleague of ours lived in that PG, and by the time we arrived, the… pic.twitter.com/Iqx2BTR47P
— ANI (@ANI) September 6, 2026
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