महाराष्ट्र में इस साल नवरात्रि शुरू होने से पहले ही गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने राज्य भर के आयोजकों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को कार्यक्रमों से दूर रखने की अपील की गई है।
क्या हैं VHP के नए नियम? विश्व हिंदू परिषद ने स्पष्ट किया है कि गरबा पंडालों में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश मिले, जो हिंदू धर्म और देवी की पूजा में आस्था रखते हैं। इसके लिए आयोजकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवेश द्वार पर प्रतिभागियों के आधार कार्ड की जांच करें और माथे पर तिलक लगाना अनिवार्य करें।
वीएचपी का तर्क: पवित्रता बनाए रखना जरूरी संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि नवरात्रि केवल नाच-गाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां दुर्गा की पूजा का धार्मिक पर्व है। नायर ने सवाल किया, जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करते, वे ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल क्यों होना चाहते हैं? उन्होंने साफ किया कि यह कदम हिंदू पर्वों और उसकी सांस्कृतिक पवित्रता को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
VHP का रुख: धार्मिक मान्यताओं से समझौता नहीं श्रीराज नायर ने यह भी जोड़ा कि अगर कोई मुस्लिम परिवार उत्सव में शामिल होना चाहता है, तो वे अपने घरों या मस्जिदों के पास खुद ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि VHP अपने धार्मिक एजेंडे से पीछे नहीं हटेगी, क्योंकि ये त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।
राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया VHP के इस फरमान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या वीएचपी अपने ही प्रमुख के विचारों से असहमत है? वहीं कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह निर्णय समाज में फूट डालने वाला और भाईचारे के खिलाफ है।
अल्पसंख्यक आयोग ने जताई आपत्ति महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन प्यारे खान ने भी इस मामले पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि त्योहार आपसी सौहार्द और लोगों को जोड़ने के लिए होते हैं, न कि उन्हें अलग करने के लिए। खान ने स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार त्योहार मनाने का अधिकार है और इस तरह के प्रतिबंध सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है और आयोजक इन दिशानिर्देशों को किस हद तक लागू करते हैं।
VIDEO | Delhi: Reacting to VHP s decision to bar participation of Muslims in garba, dandiya events in Maharashtra, VHP national spokesperson Vinod Bansal says, Whether it is Garba, Dandiya, Durga Puja, Kali Puja, Navratri, or Ganesh Puja, anyone who attends these festivals… pic.twitter.com/sKPVhm4xtI
— Press Trust of India (@PTI_News) September 5, 2026
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