झील में तैरता दिखा 2 फुटबॉल मैदान जितना बड़ा जंगल, फिर हो गया गायब ! 30 KM दूर मिला रहस्यमयी द्वीप
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अगर कोई आपसे कहे कि झील के बीच अचानक एक पूरा टापू उभर आया, फिर देखते ही देखते गायब हो गया और कुछ दिन बाद 30 किलोमीटर दूर मिला, तो आप इसे किसी फिल्म की पटकथा मानेंगे। लेकिन कनाडा की विलिस्टन रिजर्वायर झील में हुई यह घटना पूरी तरह सच है, जिसने वैज्ञानिकों और अधिकारियों को भी उलझन में डाल दिया है।

वीडियो देख लोगों को हुआ एआई का शक ब्रिटिश कोलंबिया की इस झील में पेड़ों से ढका जमीन का एक विशाल टुकड़ा पानी पर तैरता हुआ दिखाई दिया। नाविकों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला तो हड़कंप मच गया। शुरुआत में विशेषज्ञों ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना फर्जी वीडियो समझा, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने मुहर लगा दी कि यह कोई डिजिटल कमाल नहीं, बल्कि प्रकृति का एक दुर्लभ दृश्य है।

अचानक गायब हुआ टापू, मचा हड़कंप कहानी में नया मोड़ तब आया जब 21 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीरों में दिखने वाला यह टापू 5 अगस्त को गायब हो गया। अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच सवाल खड़ा हो गया कि क्या यह डूब गया या बिखर गया? कुछ ही दिनों बाद, पायलटों और सैटेलाइट की मदद से पता चला कि टापू कहीं गया नहीं है, बल्कि पानी की लहरों के साथ बहकर अपनी पुरानी जगह से 30 किलोमीटर दूर निकल गया है।

क्या है इस तैरते जंगल का आकार? यह कोई छोटा-मोटा तिनका नहीं है। बीसी हाइड्रो (BC Hydro) के अनुमान के मुताबिक, इसका क्षेत्रफल लगभग 9,800 वर्ग मीटर है, जो करीब दो कनाडाई फुटबॉल मैदानों के बराबर है। इतने बड़े हिस्से पर पेड़-पौधे और मिट्टी का होना स्थानीय लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।

कैसे बना यह अनोखा द्वीप? वैज्ञानिकों का मानना है कि यह टापू वर्षों की प्राकृतिक प्रक्रिया का परिणाम है। झील के किनारे जमा लकड़ियां, मिट्टी और वनस्पतियां समय के साथ आपस में घुल-मिल गईं। पेड़ों की जड़ों ने इसे एक मजबूत ढांचे में बांध दिया। गर्मियों में झील का जलस्तर बढ़ने से यह हिस्सा मुख्य जमीन से टूटकर अलग हो गया और पानी के बहाव के साथ तैरने लगा।

दुनिया में ऐसा पहली बार नहीं यह घटना अकेली नहीं है। अमेरिका की चिप्पेवा झील में फोर्टी एकर बोग नाम का एक ऐसा ही तैरता दलदली टापू है, जिसे स्थानीय लोग अक्सर पुल से टकराने से बचाने के लिए धक्का देकर दूसरी दिशा में करते हैं। इन टापुओं के नीचे लकड़ियों और जड़ों की एक मोटी और भारी परत होती है, जो इन्हें पानी पर टिके रहने में मदद करती है।

अभी भी कई सवाल बाकी टापू की नई लोकेशन तो मिल गई है, लेकिन वैज्ञानिक अभी भी इस पर शोध कर रहे हैं कि यह इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ा और इसके नीचे की संरचना कितनी गहरी है। प्रकृति का यह चलता-फिरता रहस्य यह साबित करता है कि दुनिया में अभी भी ऐसी कई चीजें हैं, जो हमारी कल्पना से परे हैं।

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