घायल पैर लेकर 100 किमी चला हाथी, अब मिला सुरक्षित घर: सुलोंग की अनोखी दास्तान
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मलेशिया में एक एशियाई हाथी सुलोंग चालिल इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। घायल पैर के साथ हाईवे पर करीब 100 किलोमीटर का सफर तय करने वाला यह हाथी आखिरकार सुरक्षित जंगल में पहुँचा दिया गया है।

हाईवे पर बना था खतरा

सुलोंग को सबसे पहले केलंतन राज्य में देखा गया था, जहाँ वह लंगड़ाते हुए हाईवे पर चल रहा था। उसके अगले दाहिने पैर में गंभीर चोट थी। भारी ट्रैफिक के बीच उसे चलते देख लोग उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। अंदेशा था कि कहीं वह किसी वाहन की चपेट में न आ जाए। हालांकि, वह लगातार आगे बढ़ रहा था, जिससे अटकलें लगाई गईं कि वह अपने पुराने घर या झुंड की तलाश में है।

क्यों भटक रहा था सुलोंग?

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, सुलोंग एक वयस्क नर एशियाई हाथी है। इस उम्र में नर हाथियों का अकेले घूमना सामान्य व्यवहार है। अधिकारियों ने झुंड की तलाश वाली थ्योरी को खारिज करते हुए कहा कि वह अपने पुराने इलाके की ओर क्यों लौट रहा था, इसका ठोस कारण स्पष्ट नहीं है। पहले उसे पेराक राज्य के जंगल में छोड़ा गया था, लेकिन वहां से वह फिर हाईवे पर आ गया था।

ऑपरेशन रेस्क्यू और नाव का सफर

हाईवे पर बढ़ते खतरे को देखते हुए 30 अगस्त को अधिकारियों ने उसे पकड़ने का बड़ा अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में पुलिस, वन्यजीव विभाग और दो प्रशिक्षित हाथियों रांबाई और चेरी की मदद ली गई। सुलोंग को शांत रखकर नाव तक ले जाया गया, ताकि उसे पानी के रास्ते सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा सके।

अब सुरक्षित जंगल में नई शुरुआत

2 सितंबर को सुलोंग को तेरेंगानू स्थित तमन नेगारा के घने और सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि उसके घायल पैर का इलाज भी किया गया है और घाव भरने के संकेत मिल रहे हैं। अब वह इंसानी बस्तियों और व्यस्त सड़कों से दूर अपने नए ठिकाने पर है, जहाँ उसे पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन और सुरक्षा मिलेगी।

इंसानी बस्तियों और जंगलों का टकराव

सुलोंग की यह यात्रा इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव का एक बड़ा उदाहरण है। जंगलों के बीच से गुजरती सड़कें और इंसानी बस्तियों का विस्तार जंगली जानवरों के प्राकृतिक रास्तों को बाधित कर रहा है। सुलोंग की कहानी भले ही सुखद अंत के साथ खत्म हुई हो, लेकिन यह वन्यजीवों के लिए सुरक्षित गलियारे बनाने की जरूरत पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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