सरकारी स्कूल की बदहाली: किताबें सुखाते दिखे मासूम छात्र, लापरवाही की तस्वीरें वायरल
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मध्य प्रदेश के धार जिले से एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के सूरजपुरा गांव के एक शासकीय स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें स्कूल की सैकड़ों किताबें जमीन पर बिखरी और धूप में सूखती नजर आ रही हैं।

धूप में किताबें सुखाते बच्चे वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल परिसर के खुले मैदान में सैकड़ों सरकारी किताबें जमीन पर फैली हुई हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस काम में स्कूल के बच्चे भी लगे हैं। मासूम छात्र किताबों को उठाकर उनके पन्ने पलटते और उन्हें धूप में व्यवस्थित करते नजर आ रहे हैं, ताकि उनमें लगी नमी निकल सके।

लापरवाही या कोई और वजह? वीडियो देखकर प्राथमिक तौर पर यही लग रहा है कि किताबें किसी कारणवश पूरी तरह गीली हो गई थीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये किताबें बारिश के कारण खराब हुईं या स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते नमी का शिकार हुईं। लेकिन खुले में इतनी बड़ी तादाद में किताबों का होना व्यवस्था की बड़ी खामी को दर्शाता है।

किताबों के रख-रखाव पर उठते सवाल सरकारी स्कूलों में बच्चों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए। ऐसे में उन किताबों का जमीन पर धूल-मिट्टी के बीच रखा जाना और बच्चों से उन्हें सुखाने का काम करवाना शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। नमी के कारण किताबों के पन्ने खराब होने और उनके फटने का खतरा बढ़ गया है।

शिक्षा विभाग की भूमिका जांच के घेरे में इस घटना ने स्कूल में संसाधनों के रखरखाव को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है। सवाल यह है कि आखिर विभाग ने किताबों को सुरक्षित रखने के लिए क्या इंतजाम किए थे? बारिश के मौसम में किताबों को नमी से बचाने के लिए उचित भंडारण (storage) की व्यवस्था क्यों नहीं थी?

जांच के बाद होगी स्थिति साफ फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। स्थानीय लोग इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि किताबों के खराब होने के पीछे मुख्य दोषी कौन है। क्या यह महज एक इत्तेफाक था या शासन की शैक्षणिक सामग्री के प्रति घोर लापरवाही? यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

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