उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित कलेक्ट्रेट परिसर की एक मस्जिद शनिवार सुबह बुलडोजर कार्रवाई की भेंट चढ़ गई। शुक्रवार देर रात से ही शहर में मस्जिद गिराए जाने की अफवाहें गर्म थीं, जो तड़के चार बजे हकीकत में बदल गईं। प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की।
अदालत का अंतिम फैसला यह कार्रवाई कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं, बल्कि डेढ़ साल से चल रहे कानूनी विवाद का परिणाम है। 2 सितंबर 2026 को जिला जज सतेंद्र कुमार ने मस्जिद पक्ष की अपील को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें इस मस्जिद को सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण माना गया था। मस्जिद पक्ष ने इसे वक्फ संपत्ति और 150 साल पुरानी इमारत होने का दावा किया था, लेकिन वे अदालत में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके।
जुर्माना और 30 दिन की मोहलत सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने जुलाई में ही बेदखली का आदेश जारी कर दिया था। प्रशासन ने न केवल परिसर खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया था, बल्कि मस्जिद पक्ष पर 6 करोड़ 41 लाख रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति भी लगाई थी। बावजूद इसके जब जगह खाली नहीं हुई, तो प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का रुख अपनाया।
अफवाह और प्रशासनिक सख्ती शुक्रवार रात को जैसे ही मस्जिद गिराए जाने की अफवाह फैली, कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर गहमागहमी बढ़ गई। पूर्व में सपा नेताओं की जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान यह भरोसा दिए जाने की चर्चा थी कि इसे केवल सील किया जाएगा। हालांकि, शनिवार सुबह तक प्रशासन ने रणनीति बदल दी।
राजनीतिक हलचल और घेराबंदी इस मुद्दे पर राजनीतिक पारा भी काफी चढ़ा हुआ है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने देर रात सोशल मीडिया पर सक्रियता दिखाई, वहीं सपा विधायक आशु मलिक और एमएलसी शाहनवाज खान सहित कई नेता कलेक्ट्रेट पहुंचने की कोशिश करते देखे गए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के पांचों गेट बंद कर दिए और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात कर दी। सांसद इकरा हसन को भी हाउस अरेस्ट किए जाने का दावा किया गया।
अब आगे क्या? शनिवार सुबह छह बुलडोजरों के साथ शुरू हुई कार्रवाई में मस्जिद का एक बड़ा हिस्सा ढहा दिया गया। कलेक्ट्रेट के आसपास पूरी तरह से पुलिस छावनी जैसा माहौल है। विवाद की शुरुआत 2025 में बजरंग दल की शिकायत से हुई थी, जो अब एक बड़े प्रशासनिक एक्शन पर आकर थमी है। फिलहाल, मस्जिद पक्ष कानूनी विकल्पों पर दोबारा विचार कर रहा है, जबकि प्रशासन पूरी इमारत को हटाने के लिए काम में जुटा है।
*#WATCH | Uttar Pradesh: An illegal mosque, constructed within the Collectorate premises in Saharanpur, being demolished in the presence of SDM, City Magistrate and Police Force. The Court of City Magistrate had declared the mosque illegal last month and issued an order for its… pic.twitter.com/rFTnPxzWoe
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 5, 2026
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