बहुजन समाज पार्टी (BSP) में उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लखनऊ में आयोजित पार्टी की ऑल इंडिया बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने उत्तराधिकारी माने जाने वाले आकाश आनंद को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है।
आकाश आनंद अभी तैयार नहीं मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को अभी राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। इसी कारण उन्हें पार्टी में फिलहाल कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। हालांकि, उन्हें पार्टी के भीतर काम करने की अनुमति जारी रहेगी।
क्या राजनीतिक परिपक्वता की कमी है कारण? मायावती का मानना है कि विपक्षी दल साम, दाम, दंड और भेद के जरिए पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उनका कहना है कि आकाश आनंद को इन राजनीतिक हथकंडों को समझने और उनसे निपटने के लिए अभी और समय चाहिए ताकि पार्टी को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
कांशीराम के सिद्धांतों का हवाला मायावती ने बसपा के संस्थापक कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने परिवार को पार्टी में पद देने या चुनाव लड़ाने के खिलाफ थे। उन्होंने कहा, मेरे लिए बहुजन समाज का हित सर्वोपरि है। इस मिशनरी लक्ष्य के लिए मेरे लिए न कोई अपना है और न कोई पराया।
सोशल मीडिया प्रोफाइल बदला पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी न मिलने के बाद आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पहचान बदल ली है। उन्होंने अपने बायो से राष्ट्रीय संयोजक का पद हटाकर अब खुद को बसपा कार्यकर्ता और बाबा साहेब के सपनों का युवा समर्थक बताया है।
2027 चुनाव पर मायावती का फोकस बैठक के दौरान मायावती ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाना ही पार्टी का मुख्य मिशन है। इसके साथ ही उन्होंने संघ और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बाबा साहेब के संविधान का ईमानदारी से पालन करने की नसीहत दी।
पदाधिकारियों को दी चेतावनी मायावती ने पार्टी के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों को पिछली कमियों को सुधारने और पूरी निष्ठा के साथ काम करने का निर्देश दिया है। बसपा सुप्रीमो का पूरा ध्यान अब 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की खोई हुई जमीन वापस पाने पर केंद्रित है।
*03-09-20265-BSP PRESSNOTE-ALL-INDIA MEETING pic.twitter.com/tw4sTxxQBg
— Mayawati (@Mayawati) September 3, 2026
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