सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार श्रमिकों का पंजीकरण करवाने पर उनके बैंक खाते में सीधे 7,000 रुपये की राशि भेज रही है।
इस लुभावने ऑफर को देखकर कई लोग इसे सच मान रहे हैं और अपनी निजी जानकारी साझा करने की गलती कर रहे हैं। लेकिन क्या वाकई सरकार ऐसी कोई योजना चला रही है? आइए जानते हैं सच्चाई।
इस खबर की सच्चाई सामने लाने के लिए पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने मामले की जांच की है। जांच में यह दावा पूरी तरह से फर्जी पाया गया है।
पीआईबी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के पंजीकरण के बदले किसी भी तरह की नकद राशि देने की घोषणा नहीं की है। अतः, इस तरह की खबरों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।
ऐसे फर्जी दावों का मुख्य मकसद आम लोगों से उनकी निजी जानकारी, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर या ओटीपी हासिल करना होता है। ठग सरकारी योजनाओं का नाम लेकर आपकी गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर सकते हैं।
इसलिए, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या अपनी बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचें।
सरकार ने स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि श्रम कानूनों, सरकारी योजनाओं और श्रमिकों से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें।
यदि आप किसी सरकारी योजना की पात्रता या लाभ के बारे में जानना चाहते हैं, तो हमेशा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (labour.gov.in) पर ही विजिट करें। किसी भी भ्रामक जानकारी को आगे फॉरवर्ड करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि भारत सरकार श्रमिक पंजीकरण कराने पर बैंक खातों में सीधे ₹7,000 की मुफ्त राशि दे रही है।#PIBFactCheck:
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) September 1, 2026
❌ यह दावा #फर्जी है ।
✅ भारत सरकार ने श्रमिकों को पंजीकरण के बदले किसी भी प्रकार की राशि प्रदान करने संबंधी… pic.twitter.com/kj6jhkhnnh
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