भारतीय टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल अब इंग्लैंड में अपना दमखम दिखाएंगे। मयंक ने आगामी काउंटी चैंपियनशिप के शेष मैचों के लिए डरहम क्रिकेट के साथ करार किया है। यह फैसला तब आया है जब मयंक दलीप ट्रॉफी से भी दूर हैं और भारतीय टीम में अपनी जगह दोबारा बनाने की कोशिश में जुटे हैं।
डरहम को क्यों पड़ी मयंक की जरूरत? डरहम ने इस करार की आधिकारिक पुष्टि की है। टीम के मुख्य खिलाड़ी डेविड बेडिंगहैम अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के चलते दक्षिण अफ्रीका लौट रहे हैं। ऐसे में डरहम को एक अनुभवी और उच्च श्रेणी के अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज की तलाश थी। क्लब ने मयंक को एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज करार देते हुए कहा है कि उन्हें काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन वन में टीम की स्थिति मजबूत करने के लिए मयंक के योगदान की पूरी उम्मीद है।
क्या इंग्लैंड की राह खोलेगी वापसी के दरवाजे? मयंक के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला साल 2022 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था, जिसके बाद से उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। हाल ही में उन्होंने महाराजा टी20 ट्रॉफी में हिस्सा लिया था, लेकिन अब लाल गेंद की क्रिकेट में वापसी उन्हें चयनकर्ताओं के रडार पर लाने का एक सुनहरा मौका है। इससे पहले वे 2025 में यॉर्कशायर के लिए भी काउंटी खेल चुके हैं, जिससे उन्हें वहां की परिस्थितियों का अच्छा अनुभव है।
शानदार है मयंक का घरेलू रिकॉर्ड मयंक अग्रवाल का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करियर बेहद प्रभावी रहा है। उन्होंने अब तक 124 मैचों में 43.98 की औसत से 8,929 रन बनाए हैं, जिसमें 21 शतक और 48 अर्धशतक शामिल हैं। भारतीय टेस्ट टीम के लिए भी उन्होंने 21 मैचों में 41.33 की औसत से 1,488 रन बनाए हैं।
करियर पर एक नजर:
काउंटी क्रिकेट का यह अनुभव मयंक के लिए एक रीसेट बटन की तरह हो सकता है। यदि मयंक इंग्लैंड की कठिन परिस्थितियों में रन बनाने में सफल रहते हैं, तो वे निश्चित रूप से भविष्य में भारतीय चयनकर्ताओं की चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
👋 Joining for the County Championship run in.
— Durham Cricket (@DurhamCricket) August 31, 2026
Welcome to Durham, Mayank Agarwal. 🇮🇳
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