रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए डिजिटल तकनीक को सबसे बड़ा हथियार बना रही है। राज्य के हर कोने में सुशासन पहुँचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित पहलें अब सरकारी कामकाज की तस्वीर बदल रही हैं।
29 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ सेवा सेतु पोर्टल प्रदेश के नागरिकों के लिए वरदान साबित हुआ है। इस एकीकृत मंच पर 35 विभागों की 564 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अब तक 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 78 लाख से अधिक का समयबद्ध निराकरण किया जा चुका है। जाति, आय, निवास से लेकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तक, सब कुछ अब डिजिटल हस्ताक्षर के साथ सीधे मोबाइल पर उपलब्ध है।
अगस्त 2024 में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के बाद से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है। मंत्रालय से लेकर जिला कलेक्टोरेट तक अब पेपरलेस काम हो रहा है। फाइलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग होने से अधिकारियों की जवाबदेही तय हुई है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आई है। वहीं, प्रोजेक्ट दक्ष के जरिए सरकारी कर्मचारियों को एआई-आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सरकार 11,682 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ने के लिए भारतनेट-3 परियोजना पर काम कर रही है। 3,942 करोड़ रुपये की इस परियोजना का लक्ष्य आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ई-प्रगति पोर्टल लॉन्च किया गया है। 25 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सैटेलाइट और जीआईएस (GIS) आधारित मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जा रही है। इससे बड़े निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की कोताही की गुंजाइश खत्म हो गई है।
कोंडागांव के अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों से लेकर बीजापुर और कोरबा के सुदूर गांवों तक, डिजिटल क्रांति का असर दिखने लगा है। वंदना हेमला और रनसिंह नेटी जैसे ग्रामीणों को अब प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आवेदन करने के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें घर बैठे प्रमाण पत्र मिल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार का डिजिटल विजन केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने का एक ठोस प्रयास है। सेवा सेतु, ई-ऑफिस, और भारतनेट जैसी पहलें यह साबित कर रही हैं कि आने वाले समय में तकनीक ही छत्तीसगढ़ के विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
*दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक आसान मोबाइल कनेक्टिविटी और तेज इंटरनेट सिर्फ संवाद का जरिया नहीं होंगे, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ऑनलाइन सेवाएं, डिजिटल भुगतान और रोजगार के नए अवसर गांव-गांव तक पहुंचेंगे।
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) May 12, 2026
डिजिटल छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम बढ़ाते हुए भारतनेट-3 योजना के तहत प्रदेश की… pic.twitter.com/nnbGPVOxRw
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