नेपाल में जलप्रलय: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए मुंबई के डॉ. मिलिंद चितले समेत 79 लोग लापता
News Image

नेपाल और तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। मुंबई के अंधेरी स्थित प्रसिद्ध डॉक्टर और अनुभवी पर्वतारोही डॉ. मिलिंद चितले सहित 79 लोगों का एक दल पिछले कुछ दिनों से लापता है। इस हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।

कौन हैं डॉ. मिलिंद चितले? डॉ. चितले हिल्स एंड ट्रेल्स टूर कंपनी के संस्थापक हैं। वे पिछले 30 वर्षों से हिमालयी अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं और कंचनजंघा जैसी कठिन चोटियों को फतह करने का अनुभव रखते हैं। इस बार वे अपनी पत्नी के साथ कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले थे।

79 लोगों का दल था यात्रा पर इस यात्रा में मुंबई, ठाणे, कोल्हापुर, पुणे और नागपुर के 60 भारतीय पर्यटक शामिल थे। इनके अलावा दल में अमेरिका और न्यूजीलैंड के मित्र तथा 12 स्थानीय नेपाली गाइड भी थे। समूह में कई जाने-माने एमडी सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टर भी मौजूद थे।

पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान आया काल शेड्यूल के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह लगभग 8:30 बजे यह पूरा समूह नेपाल-चीन सीमा पर इमिग्रेशन सेंटर पहुंचा। जब सभी लोग पासपोर्ट वेरिफिकेशन की औपचारिकताओं के लिए इमारत के अंदर थे, तभी सुबह 9:30 से 10:30 बजे के बीच अचानक भीषण बाढ़ और भूस्खलन आया। देखते ही देखते पूरी सरकारी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।

वायरल वीडियो से हुआ घटना का खुलासा सोशल मीडिया पर इस आपदा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इमारत को मलबे में समाते हुए देखा जा सकता है। इसी इमारत में डॉ. चितले का पूरा ग्रुप मौजूद था। यह फुटेज आपदा की भयावहता को बयां करने के लिए काफी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी चुनौतियां घटना के बाद नेपाल सेना और पुलिस ने बड़े स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया है। हालांकि, घटनास्थल पर 50 से 60 फीट गहरे कीचड़ और भारी पत्थरों के ढेर ने ऑपरेशन को बेहद कठिन बना दिया है। समय बीतने के साथ मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की संभावनाएं अब बहुत कम होती जा रही हैं।

परिवारों की बढ़ती बेचैनी मुंबई में लापता पर्यटकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। अपनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित परिजन केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और तेजी से बचाव अभियान चलाने की गुहार लगा रहे हैं। फिलहाल, पूरे देश की निगाहें नेपाल के रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

15 साल के वैभव सूर्यवंशी का दलीप ट्रॉफी में धमाका, 57 साल पुराना रिकॉर्ड किया चकनाचूर

Story 1

नेपाल की तबाही, बिहार में मछलियों की बारिश : 100 किलो वजनी दानव मछली देख दंग रह गए लोग

Story 1

यूपी चुनाव 2027: मायावती का मिशन मोड शुरू, 75 जिलाध्यक्षों के साथ बंद कमरे में बनी जीत की रणनीति

Story 1

नेपाल की तबाही पर छलका मनीषा कोइराला का दर्द, दुनिया से की यह खास अपील

Story 1

उफनते नाले में स्कॉर्पियो लेकर घुसे युवक, बहती गाड़ी की छत पर चढ़कर बचाई जान

Story 1

अमेरिका-ईरान में फिर छिड़ी जंग: ट्रंप की खुली धमकी, ईरान को नेस्तानाबूत कर देंगे

Story 1

अगर हिंदू जागते हैं, तो दुनिया जागती है : टोरंटो में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

Story 1

मौत के साये में 5 सेकंड का चमत्कार : मलबे के सैलाब से मां ने ऐसे बचाई बच्चों की जान

Story 1

तेज प्रताप बनाम मंत्री संजय सिंह: होटल कांड पर 50 करोड़ का मानहानि नोटिस, क्या है पूरा विवाद?

Story 1

नेपाल में जलप्रलय: गंडक नदी में मिले शव, कर्नाटक के 14 पर्यटक अब भी लापता