शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शिखर बैठक के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में बड़ी हलचल देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा कर रहे थे, ठीक उसी समय दुनिया के दूसरे छोर पर बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का केंद्र बन गया।
ट्रंप का एआई हमला और खार्ग द्वीप का दावा बिश्केक में मुलाकात के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर काफी सक्रिय थे। उन्होंने दो एआई-जनरेटेड वीडियो साझा किए, जिसमें ईरान के रणनीतिक तेल केंद्र खार्ग द्वीप को तबाह होते हुए दिखाया गया था। वीडियो क्लिप्स में ऑयल स्टोरेज टैंक और टैंकरों में जोरदार धमाके होते दिख रहे थे। ट्रंप ने इसे साझा करते हुए दावा किया, खार्ग द्वीप को पूरी तरह उड़ा दिया गया है!
अमेरिकी सेना का रुख अलग ट्रंप के इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आधिकारिक बयानों में इस हमले का कोई जिक्र नहीं था। कमांड ने केवल होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खिलाफ सीमित कार्रवाई की बात कही। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का पोस्ट और ग्राउंड रियलिटी के बीच बड़ा अंतर है। खार्ग द्वीप पर हुए इस तथाकथित हमले की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
पीएम मोदी और पेजेशकियान की अहम मुलाकात एक तरफ अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की छाया थी, तो दूसरी तरफ बिश्केक में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की आमने-सामने की मुलाकात हुई। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद रहे।
शांति की अपील और कूटनीति पर जोर बैठक में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के संकट पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है; सभी मुद्दों का हल केवल कूटनीति और बातचीत (Dialogue) के जरिए निकाला जाना चाहिए। पीएम ने नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और समुद्री मार्गों (कमर्शियल शिपिंग) की सुगमता पर विशेष जोर दिया।
BRICS के लिए दिया न्योता इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति को आगामी BRICS समिट के लिए भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। कजान समिट (अक्टूबर 2024) के बाद यह दूसरी बार है जब दोनों नेता व्यक्तिगत रूप से मिले हैं। बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच, भारत की यह पहल मध्यस्थता के जरिए शांति स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
Met President Masoud Pezeshkian in Bishkek. Reiterated our commitment to strengthening India’s long standing friendship with Iran across diverse sectors. We want to expand and diversify our trade basket in the times to come.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
We had a discussion on the prevailing situation in… pic.twitter.com/qagQy5o108
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