दिल्ली: 10 साल की बच्ची की संदिग्ध मौत, स्कूल टीचर्स पर लगे गंभीर आरोप
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नई दिल्ली: पूर्वी विनोद नगर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय की एक 10 वर्षीय छात्रा की मौत ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली इस बच्ची की मौत के बाद परिवार ने स्कूल के शिक्षकों पर प्रताड़ना और टॉर्चर करने का गंभीर आरोप लगाया है।

डिप्रेशन की शिकार थी बच्ची बच्ची की मां का दावा है कि स्कूल के शिक्षकों द्वारा किए गए मानसिक उत्पीड़न के कारण उनकी बेटी गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई थी। मां का आरोप है कि शिक्षकों के व्यवहार ने बच्ची को तोड़ दिया था। दुख की बात यह है कि बच्ची की मौत के बाद से स्कूल का कोई भी प्रतिनिधि परिवार से मिलने या सांत्वना देने नहीं पहुंचा।

इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले गया स्कूल प्रशासन पटपड़गंज से बीजेपी विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने इस मामले में गंभीर लापरवाही का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि परिवार का कहना है कि जब बच्ची स्कूल में बीमार पड़ी, तो स्कूल प्रशासन ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय उसके माता-पिता को बुलाकर बच्ची को उन्हें सौंप दिया। परिजनों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उसे अस्पताल में भर्ती कराया होता, तो शायद बच्ची की जान बच सकती थी।

25 दिनों तक चली जिंदगी-मौत की जंग विधायक नेगी के अनुसार, बच्ची पिछले 25 दिनों से IHBAS (इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज) में भर्ती थी, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़िता पहले से भी स्वास्थ्य कारणों से एक महीने से छुट्टी पर थी और उसने स्कूल में अपना मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा किया था। इससे पहले भी वह लंबी छुट्टियों पर रही थी।

विधायक का सख्त रुख: दोषी बख्शे नहीं जाएंगे विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौके पर एसएचओ को जांच के निर्देश दिए गए हैं। अगर जांच में शिक्षकों की गलती पाई गई, तो उन्हें न केवल सेवा से बर्खास्त किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा।

सरकार और पुलिस की भूमिका परिवार का मुख्य सवाल यही है कि एक बीमार बच्ची को बिना मेडिकल सहायता के माता-पिता के भरोसे छोड़ना किस हद तक उचित था। प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू पर बारीकी से छानबीन कर रही है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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