क्या वाकई यूरोप बन गया गोरखपुर? रवि किशन के दावे पर छिड़ी सियासी जंग
News Image

गोरखपुर के भाजपा सांसद रवि किशन का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सांसद ने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना यूरोप से करते हुए कहा कि गोरखपुर का कायाकल्प अद्भुत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग इस विकास को नहीं देख पा रहे हैं, वे शायद आंखों से अंधे हैं।

दावे vs जमीनी हकीकत का वायरल वीडियो सांसद का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई। नेटिज़न्स और स्थानीय निवासियों ने मानसून के दौरान शहर के जलभराव और खुले नालों की तस्वीरें और वीडियो साझा करना शुरू कर दिया। लोगों ने रवि किशन के यूरोप वाले दावे को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब शहर की बुनियादी सड़कें और जल निकासी व्यवस्था ही बदहाल है, तो ऐसे दावे हास्यास्पद लगते हैं।

स्पेन की घटना से तुलना और कटाक्ष सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए एक उपयोगकर्ता ने स्पेन में खुले नाले में गिरने से हुई एक बच्ची की मौत की घटना का जिक्र कर सांसद पर निशाना साधा। उन्होंने उपहास उड़ाते हुए पूछा कि क्या यही वह यूरोप है जिसका जिक्र सांसद कर रहे थे? जनता का साफ कहना है कि कागजी वादों और सोशल मीडिया के विज्ञापनों से परे, जमीनी हकीकत बेहद कड़वी है।

विपक्ष का हमला: झूठे दावों पर पर्दा गोरखपुर के विकास दावों पर छिड़ी इस बहस में अब कांग्रेस की भी एंट्री हो गई है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं में फेंकने का गजब कॉन्फिडेंस है। कांग्रेस ने बदहाल सड़कों और जलभराव का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार जमीनी समस्याओं पर पर्दा डालने के लिए जनता की आंखों में धूल झोंक रही है।

प्रशासन की चुनौती और उठते सवाल एक तरफ गोरखपुर विकास प्राधिकरण लगातार अपनी उपलब्धियों के वीडियो साझा कर रहा है, तो दूसरी तरफ जनता जलजमाव की मार झेल रही है। जानकारों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को दावों की राजनीति छोड़कर शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता से काम करना होगा। यह विवाद स्पष्ट करता है कि विकास के दावों और आम आदमी के अनुभव के बीच एक बड़ी खाई मौजूद है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ड्यूटी या तानाशाही? सिर में चोट के बाद छुट्टी न मिलने से महिला कांस्टेबल की मौत, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

Story 1

नेपाल का फरिश्ता प्रिंसिपल: मौत बनकर आई बाढ़ से बचाई 1643 बच्चों की जान

Story 1

21 साल की उम्र में रचा इतिहास: बिना बड़े स्टार्स के बनी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कमाए 30 करोड़

Story 1

मन की बात: PM मोदी ने मुंबई के युवा की वेबसाइट को सराहा, इतिहास को एक क्लिक पर किया जीवंत

Story 1

सब कुछ हासिल करके भी मन था अधूरा: 13 साल बाद IAS दिव्या मित्तल ने छोड़ी नौकरी, अब क्या है अगला कदम?

Story 1

दिल्ली के प्ले स्कूल में हैवानियत: 3 साल के बच्चे को कुर्सी से बांधकर पीटा, प्राइवेट पार्ट से की छेड़छाड़

Story 1

पानीपत में द ग्रेट खली की SUV का एक्सीडेंट, बाल-बाल बचे WWE सुपरस्टार

Story 1

क्रिकेट में जर्सी रिटायर करने का क्या है सच? जानिए ICC के नियम और धोनी-सचिन से जुड़े किस्से

Story 1

उज्बेकिस्तान का बड़ा सम्मान: पीएम मोदी को मिला ओली दराजली दोस्तलिक , भारत-उज्बेकिस्तान के रिश्तों में नया अध्याय

Story 1

Poco का धमाका: 9,000mAh और 10,000mAh बैटरी के साथ आ रहे हैं ये दो धाकड़ फोन