नेपाल में जलप्रलय: भोटेकोशी नदी फिर उफान पर, 700 से अधिक मौतें और 2500 लोग लापता
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काठमांडू: नेपाल में विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ के कुछ दिन बाद, रविवार को भोटेकोशी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। जलस्तर में इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे निवासियों और राहत कर्मियों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौत का आंकड़ा 700 के पार 26 अगस्त को आई इस भयावह बाढ़ में मरने वालों की संख्या 700 के आंकड़े को पार कर गई है। अभी भी करीब 2,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 320 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक हिमनद के टूटने से आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है।

राहत और बचाव में जुटी सेना नेपाल सरकार ने बचाव कार्यों के लिए करीब 20,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, अब तक 4,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का लगातार उपयोग किया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम बचाव कार्यों में बाधा पैदा कर रहा है।

भारतीयों की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग विदेश मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ के बाद 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। भारत सरकार ने इस संकट में नेपाल को 68.5 टन राहत सामग्री और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजी है। त्रिशूली जलविद्युत परियोजना में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए भारतीय सुरंग विशेषज्ञ, नेपाली सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

आधारभूत ढांचे को भारी नुकसान बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट जिलों में स्थित करीब 13 जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। महत्वपूर्ण पृथ्वी राजमार्ग का एक हिस्सा कृष्णभीर में त्रिशूली नदी के तेज बहाव में बह गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत के लिए लाखों की नकद सहायता और खाद्य सामग्री के ट्रक भेजे हैं।

अभी भी हाई अलर्ट पर नेपाल मौसम विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर से गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी है। लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण मलबे में दबे शवों को खोजने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पूरे देश में हाई अलर्ट जारी है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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