नेपाल इस समय सदी की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश की कमर तोड़ दी है। अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। कई दुर्गम इलाकों में अभी भी बचाव कार्य जारी है।
88 भारतीयों को मिला सुरक्षित ठिकाना विदेश मंत्रालय ने ताजा अपडेट जारी करते हुए बताया है कि नेपाल में फंसे 88 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। 29 अगस्त को रसुवा जिले के एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से चार भारतीयों को रेस्क्यू किया गया। भारत सरकार काठमांडू स्थित अपने दूतावास के जरिए नेपाल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है ताकि फंसे हुए अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
अभी भी 287 भारतीयों से संपर्क नहीं बचाव कार्यों के बीच चिंताजनक खबर यह है कि अब तक 287 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा 128 भारतीय मूल के लोग भी लापता बताए जा रहे हैं। संचार व्यवस्था ठप होने और सड़कों के टूटने के कारण राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चितवन बना मौत का केंद्र नेपाल प्रशासन के मुताबिक, सबसे अधिक तबाही चितवन जिले में हुई है, जहां 233 लोगों ने दम तोड़ा है। इसके अलावा नवलपरासी (पूर्व) में 158 और गोरखा में 48 मौतें दर्ज की गई हैं। करीब 2300 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है। मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसे देखते हुए सेना और स्थानीय पुलिस दिन-रात तलाशी अभियान चला रही है।
क्या है भारत की भूमिका? भारत सरकार ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने की पेशकश की है। जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीमों को भेजने की तैयारी है। दोनों देशों के बीच राहत सामग्री, दवाइयों और जरूरी सामान की आपूर्ति को लेकर समन्वय तेज कर दिया गया है।
नई मुसीबत: झील टूटने का खतरा इस बीच, चीन ने नेपाल को एक नई चेतावनी जारी की है। तिब्बत के पास लेंडे नदी तंत्र की एक झील के कभी भी टूटने का खतरा मंडरा रहा है। यदि यह झील टूटती है, तो पानी का बहाव 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक बढ़ सकता है, जिससे नेपाल में एक और बड़ी तबाही आ सकती है। इस अलर्ट के बाद निचले इलाकों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
MEA Spokesperson Randhir Jaiswal tweets update on Indian nationals impacted by the floods in Nepal pic.twitter.com/Gu2FA9CV4N
— ANI (@ANI) August 29, 2026
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